JBCCI-XII के गठन को लेकर तेज हुई हलचल, HMS नेता ने कोयला मंत्रालय से छूट पर जल्द निर्णय की मांग

कोरबा, 08 अक्टूबर। कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में 12वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते (NCWA-XII) की प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में गतिविधियां तेज हो गई हैं। Joint Bipartite Committee for the Coal Industry (JBCCI-XII) के गठन को लेकर अब Industrial Relations Code, 2020 की धारा 14 का मुद्दा महत्वपूर्ण बन गया है। इसी बीच हिन्द मजदूर सभा (HMS) के वरिष्ठ नेता नाथूलाल पाण्डेय ने कहा है कि JBCCI-XII के गठन का रास्ता साफ करने के लिए कोयला मंत्रालय पर दबाव बनाए जाने की आवश्यकता है।
पाण्डेय ने कहा कि कोयला मंत्रालय को Industrial Relations Code, 2020 की धारा 14 के प्रभाव से छूट के संबंध में जल्द निर्णय लेना चाहिए, ताकि JBCCI-XII का गठन हो सके और NCWA-XII के लिए वेतन वार्ता की प्रक्रिया शुरू की जा सके। उन्होंने कहा कि आगामी वेतन समझौते में कोयला कर्मचारियों के वेतनमान के साथ अन्य सेवा सुविधाओं में बढ़ोतरी भी प्रमुख मुद्दा रहेगा।
Industrial Relations Code, 2020 की धारा 14 में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान में कर्मचारियों की ओर से प्रबंधन के साथ सामूहिक बातचीत के लिए Negotiating Union अथवा Negotiating Council की व्यवस्था की गई है। प्रावधान के अनुसार, यदि किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान में एक से अधिक पंजीकृत ट्रेड यूनियन हैं और किसी एक यूनियन को 51 प्रतिशत या उससे अधिक कर्मचारियों का समर्थन प्राप्त है, तो उसे Sole Negotiating Union के रूप में मान्यता दी जा सकती है। वहीं, यदि किसी यूनियन को 51 प्रतिशत समर्थन प्राप्त नहीं होता है, तो Negotiating Council के गठन का प्रावधान है। इसमें 20 प्रतिशत या उससे अधिक समर्थन रखने वाली ट्रेड यूनियनों को प्रतिनिधित्व दिए जाने की व्यवस्था है।
यही प्रावधान अब कोल इंडिया में लंबे समय से चली आ रही उद्योग-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता प्रणाली और JBCCI के गठन के संदर्भ में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, CIL की ओर से धारा 14 के प्रभाव से छूट के संबंध में कोयला मंत्रालय को पत्र भेजे जाने की बात सामने आई है। यदि छूट मिलती है, तो मौजूदा उद्योग-स्तरीय द्विपक्षीय व्यवस्था के आधार पर JBCCI-XII के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की संभावना बन सकती है।
हालांकि, कानूनी दृष्टि से यह स्पष्ट करना जरूरी है कि धारा 14 स्वयं छूट प्रदान करने वाली धारा नहीं है। यह Negotiating Union और Negotiating Council की व्यवस्था से संबंधित है। इसलिए CIL की मांग को इस प्रावधान के अनुप्रयोग से छूट के अनुरोध के रूप में देखा जाना अधिक उचित होगा।
JBCCI-XII का गठन कोयला श्रमिक संगठनों के प्रमुख एजेंडे में शामिल है। यूनियनों का कहना है कि नए वेतन समझौते की प्रक्रिया जल्द शुरू होनी चाहिए, ताकि NCWA-XII के तहत वेतन, भत्ते और अन्य सेवा सुविधाओं को लेकर वार्ता आगे बढ़ सके। 2 सितंबर को हुई Apex JCC बैठक में Labour Codes के क्रियान्वयन सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई थी। बैठक में BMS, HMS, AITUC और CITU के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। हालांकि JBCCI-XII का गठन आधिकारिक एजेंडे में सीधे शामिल नहीं था, लेकिन बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा होने और CIL प्रबंधन की ओर से कोयला मंत्रालय को पत्र भेजे जाने की बात सामने आई थी।
इस बीच नाथूलाल पाण्डेय ने ₹1,10,250 के तय Performance Linked Reward (PLR) पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कोयला कर्मचारियों को इससे अधिक बोनस मिलना चाहिए था। उनके अनुसार, यदि प्रबंधन पर पर्याप्त दबाव बनाया जाता तो ₹1,15,000 तक बोनस हासिल किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि वे कोयला कर्मचारियों के हितों से समझौता करने के पक्ष में नहीं हैं और कर्मचारियों के अधिकारों तथा सुविधाओं के लिए आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।
NCWA-XI की अवधि समाप्त होने के बाद अब NCWA-XII के लिए नई वेतन वार्ता शुरू कराने में JBCCI-XII का गठन महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। ऐसे में Industrial Relations Code की धारा 14, Negotiating Union/Negotiating Council की व्यवस्था और CIL की छूट की मांग के बीच अब सभी की नजर कोयला मंत्रालय के निर्णय पर है। मंत्रालय के रुख के बाद ही JBCCI-XII के गठन और NCWA-XII की आगामी वार्ता प्रक्रिया की दिशा अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।




