Chhattisgarh

राजभाषा पखवाड़ा में एसईसीएल मुख्यालय में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, हास्य-व्यंग्य और ओजपूर्ण प्रस्तुतियों ने बांधा समां

बिलासपुर, 26 सितंबर। राजभाषा पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत 25 सितंबर को एसईसीएल मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। एसईसीएल अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित साहित्यिक संध्या में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे प्रतिष्ठित कवियों ने हास्य, व्यंग्य, गीत, शृंगार और वीर रस की प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मनोरंजन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ हुआ। निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने कवियों का स्वागत करते हुए कहा कि राजभाषा पखवाड़ा के तहत आयोजित यह कवि सम्मेलन हिंदी भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देने और दिशा दिखाने का कार्य करते हैं।

कवि सम्मेलन में कवयित्री एवं गीतकार डॉ. सरिता शर्मा ने भावपूर्ण गीतों के माध्यम से जीवन, रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं को स्वर दिया। हास्य कवि एवं लोक गायक जगवीर राठी ने लोक शैली और हास्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को खूब हंसाया। वरिष्ठ हास्य-व्यंग्य कवि सुदीप भोला ने सामाजिक परिस्थितियों पर व्यंग्यात्मक रचनाएं प्रस्तुत कीं।

ओज एवं वीर रस के कवि अशोक चारण की जोशीली कविताओं ने वातावरण में उत्साह भरा। युवा कवि एवं गीतकार स्वयं श्रीवास्तव ने संवेदनशील गीतों से श्रोताओं को भाव-विभोर किया। शंभू शिखर ने हास्य-व्यंग्य की मंचीय प्रस्तुतियों से खूब गुदगुदाया। वहीं डॉ. नित्या श्री ने शृंगार एवं प्रेम रस की कविताओं से साहित्यिक माधुर्य घोला और युवा हास्य कवि हीरामणि वैष्णव ने अपनी विशिष्ट शैली से श्रोताओं का मनोरंजन किया।

कवियों की विविध प्रस्तुतियों के दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। कार्यक्रम में एसईसीएल संचालन समिति, कल्याण मंडल, सुरक्षा समिति, सीएमओएआई, सिस्टा, ओबीसी प्रतिनिधियों, विभिन्न श्रम संघों के प्रतिनिधियों, विभागाध्यक्षों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन उप-महाप्रबंधक मनीष श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रबंधक (राजभाषा) सविता निर्मलकर ने किया, जबकि मंच संचालन वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) पंकज पाणी पांडेय ने किया।

Related Articles

Back to top button