छत्तीसगढ़ के शहरों की तासीर के अनुरूप बनेगी विकास योजना, दिल्ली में नगरीय प्रशासन विभाग ने की रणनीति पर चर्चा

रायपुर, 26 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों के विकास को स्थानीय जरूरतों और शहरों की विशिष्ट पहचान के अनुरूप आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने नई दिल्ली में हुडको (HUDCO) द्वारा अर्बन चैलेंज फंड (UCF) पर आयोजित क्षमता विकास कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि शहरों के दीर्घकालिक विकास के लिए बेहतर नियोजन, संस्थागत क्षमता विकास, वित्तीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग और विभिन्न योजनाओं के समन्वय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि शहरों की भावी जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकास की योजनाएं तैयार की जानी चाहिए। इसके लिए नगरीय निकायों की क्षमता बढ़ाने के साथ उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग जरूरी है।
प्रमुख सचिव बोरा ने केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के सचिव सतेंद्र सिंह से भी मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, पीएम स्वनिधि, पीएम ई-बस और अर्बन चैलेंज फंड जैसी केंद्रीय योजनाओं की प्रगति, प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी रणनीति पर चर्चा हुई। नगरीय निकायों की क्षमता को और मजबूत करने तथा योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इसके अलावा सोनमणि बोरा ने हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ और उनकी टीम के साथ बैठक की। इसमें छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों की स्थानीय आवश्यकताओं, संभावनाओं और विशिष्ट पहचान के आधार पर दीर्घकालिक विकास योजनाएं तैयार करने पर चर्चा हुई। औद्योगिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, पर्यटन, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व वाले शहरों के लिए उनकी प्रकृति के अनुरूप विकास रणनीति बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में फूड पार्क, रेंटल हाउसिंग, पर्यटन संवर्धन, स्लम क्षेत्र पुनर्विकास और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) जैसे विकल्पों को शहरों की विकास योजनाओं में शामिल करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। अन्य राज्यों की सर्वोत्तम प्रथाओं और उनके अनुभवों का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ की जरूरतों के अनुरूप उपयोगी पहल को अपनाने पर भी विचार किया गया।
हुडको के सीएमडी ने परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक परियोजना प्रतिवेदन (PPR) तैयार करने और राज्य स्तर पर क्षमता विकास कार्यशाला आयोजित करने पर सहमति जताई। इसके माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने, संभावित परियोजनाओं की पहचान और दस्तावेजीकरण करने की दिशा में काम किया जाएगा। हुडको की ओर से नगरीय परियोजनाओं के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और वित्तीय संसाधन जुटाने में सहयोग का आश्वासन भी दिया गया। बैठक में केंद्र और राज्य की योजनाओं के बीच वित्तीय अभिसरण के जरिए विकास परियोजनाओं के लिए उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा हुई।




