NSS स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को बताया विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत, बोले- युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार देने वाले भी बनें

रायपुर, 24 सितंबर 2026। राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार क्षमता और सेवा भावना को सही दिशा देकर समाज और राष्ट्र में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है।
राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री साय ने एनएसएस के स्थापना दिवस पर स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। समारोह का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना देश के लाखों युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला व्यापक अभियान बन चुकी है। एनएसएस से जुड़ने वाला युवा समाज की समस्याओं को समझने, जिम्मेदारी लेने, टीम के साथ काम करने और समाधान के लिए आगे आने की सीख लेता है। उन्होंने कहा कि सेवा का कोई भी कार्य छोटा नहीं होता। स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और नशामुक्ति जैसे अभियानों में युवाओं की छोटी पहल भी बड़े सामाजिक बदलाव की नींव बन सकती है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रहे सेवा संकल्प अभियान में एनएसएस स्वयंसेवकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे इस अभियान में युवा स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे विषयों को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से महाविद्यालय और विश्वविद्यालय परिसरों के साथ-साथ गांवों, बस्तियों और शहरों में लोगों को सेवा कार्यों से जोड़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, उद्यमिता, खेल और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अवसरों का विस्तार कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में करीब 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक के पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, जबकि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 430 लैब अटेंडेंट को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं और वर्षाकाल के बाद रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि युवाओं में भर्ती परीक्षाओं के प्रति भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। भर्ती परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए सख्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले।

मुख्यमंत्री ने नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें निवेश के साथ रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। उनके अनुसार पिछले डेढ़ वर्षों में प्रदेश को 8.25 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और कई परियोजनाओं में धरातल पर काम शुरू हो चुका है। नीति में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। एक हजार स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहतर सुविधाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 200 सीट की गई है। इस बार हॉस्टल के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। प्रदेश में युवाओं को बेहतर अध्ययन वातावरण, पुस्तकें और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नालंदा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से नौकरी की तलाश के साथ उद्यमिता और रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें। नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के तहत वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन के जरिए युवाओं को उद्यमिता, कौशल और नई तकनीकों से जोड़ा जा रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन समेत लगभग हर क्षेत्र में एआई की भूमिका बढ़ेगी। युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके तहत प्रदेश के 6 लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
खेल के क्षेत्र में युवाओं के लिए अवसरों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय नौकरी का रास्ता साफ किया गया है। उन्होंने कहा कि मैदान में मेहनत कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के अनुरूप सम्मान और आगे बढ़ने के अवसर मिलना जरूरी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। विकसित भारत का लक्ष्य सरकार के साथ प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से युवाओं का साझा संकल्प है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में विकसित छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, परिश्रम, नवाचार तथा सेवा भावना इस यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति होगी।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि एनएसएस युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक और रचनात्मक दिशा देने का सशक्त मंच है। राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से शिक्षा को रोजगार तथा कौशल से जोड़ने का काम किया जा रहा है।
समारोह में मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा सचिव अविनाश चम्पावत, आयुक्त रीता यादव सहित एनएसएस से जुड़े अधिकारी, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रतिनिधि, कार्यक्रम अधिकारी और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।




