Chhattisgarh

धमतरी के आमदी हत्याकांड में आरोपी सुकालू चेलक को उम्रकैद, वैज्ञानिक साक्ष्यों से खुला अंधे कत्ल का राज

धमतरी, 19 सितम्बर 2026। जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र के बहुचर्चित आमदी हत्याकांड में सत्र न्यायालय धमतरी ने आरोपी सुकालू चेलक को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 1,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। मामला वर्ष 2024 का है, जिसमें बकरी चराने निकले ग्रामीण की हत्या कर शव को सड़क किनारे नाली में फेंक दिया गया था।

प्रकरण के अनुसार 30 सितंबर 2024 को ग्राम आमदी निवासी आत्माराम पटेल बकरियां चराने के लिए घर से निकले थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। अगले दिन आमदी-भानपुरी रोड स्थित नाली में आत्माराम पटेल का रक्तरंजित शव बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर पर गंभीर चोट और अंदरूनी रक्तस्राव की पुष्टि हुई। चिकित्सकीय जांच के आधार पर पुलिस ने इसे हत्या का मामला मानते हुए जांच आगे बढ़ाई। मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं होने के कारण पुलिस के सामने आरोपी तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण था।

तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक सन्नी दुबे ने मामले में परिस्थितिजन्य, वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को जुटाकर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ आरोपी से पूछताछ की और उसके मेमोरेंडम के आधार पर हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा, कपड़े और मिट्टी बरामद की।

जांच के दौरान बरामद साक्ष्यों को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए FSL भेजा गया। FSL रिपोर्ट में आरोपी के कपड़ों और घटनास्थल से प्राप्त मिट्टी के बीच समानता पाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा पुलिस ने अन्य वैज्ञानिक और चिकित्सकीय साक्ष्यों को भी केस की साक्ष्य श्रृंखला में शामिल किया और उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।

अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर अपना पक्ष रखा। साक्ष्यों के परीक्षण के बाद सत्र न्यायालय धमतरी ने आरोपी सुकालू चेलक, पिता स्वर्गीय सोनू राम चेलक, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम चुनकट्टा, थाना उतई, जिला दुर्ग को धारा 103(1) बीएनएस के तहत दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

धमतरी पुलिस के अनुसार, इस मामले में प्रत्यक्षदर्शी नहीं होने के बावजूद वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित विवेचना के जरिए घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा गया। पुलिस ने बताया कि उत्कृष्ट एवं वैज्ञानिक विवेचना के लिए निरीक्षक सन्नी दुबे को पुलिस अधीक्षक धमतरी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया जाएगा।

धमतरी पुलिस ने कहा है कि वैज्ञानिक अनुसंधान, साक्ष्य आधारित विवेचना और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से अपराधियों को न्यायालय से सजा दिलाने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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