Raigarh Crime : चिटफंड कंपनी का फरार डायरेक्टर जशपुर से गिरफ्तार, निवेशकों से लाखों की ठगी का आरोप
रायगढ़, 05 सितम्बर 2026 । जिले में फरार आरोपियों और लंबित मामलों में कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घरघोड़ा पुलिस ने चिटफंड कंपनी के फरार डायरेक्टर सुनील तिवारी को जशपुर से हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया। आरोपी के खिलाफ निवेशकों को कम समय में अधिक रकम देने का लालच देकर राशि जमा कराने और कंपनी बंद कर रकम वापस नहीं करने का मामला दर्ज है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को रिमांड पर भेज दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले में फरार आरोपियों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए ऑपरेशन क्लीन हंट चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के सुपरविजन में घरघोड़ा पुलिस ने यह कार्रवाई की।
थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चिटफंड मामले का फरार आरोपी सुनील तिवारी जशपुर आया हुआ है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने तत्काल जशपुर पहुंचकर आरोपी को अभिरक्षा में लिया और थाना घरघोड़ा लेकर आई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अपराध करना स्वीकार किया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।
यह पूरा मामला वर्ष 2017 का है। 27 मार्च 2017 को नवापारा घरघोड़ा निवासी लालबाबू गुप्ता ने थाना घरघोड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक नवापारा घरघोड़ा में राजकुमार कोसे द्वारा “शुष्क इंडिया लिमिटेड” नाम की कंपनी संचालित की जा रही थी। कंपनी के माध्यम से लोगों को कम समय में अधिक रकम देने का झांसा देकर मासिक जमा और फिक्स डिपॉजिट के नाम पर पैसा लिया जाता था।
प्रार्थी ने भी कंपनी पर भरोसा करते हुए वर्ष 2012 से अपने तथा अपने पति और पिता बसंती गुप्ता के नाम पर प्रतिमाह 601 रुपये जमा करना शुरू किया था। इसी तरह क्षेत्र के कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में मासिक किस्त और फिक्स डिपॉजिट के रूप में रकम निवेश की थी।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2016 में कंपनी संचालक राजकुमार कोसे निवेशकों की रकम वापस किए बिना नवापारा घरघोड़ा से फरार हो गया। बाद में उसके वापस आने पर जब निवेशकों ने अपनी जमा राशि वापस मांगी तो कंपनी बंद होने और कंपनी के खिलाफ मामला चलने की बात कहकर रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद निवेशकों की शिकायत पर थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 61/2017 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 तथा छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 6 और 10 के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने प्रार्थी और अन्य निवेशकों के बयान दर्ज किए। निवेशकों को दिए गए बांड पेपर और आरोपी राजकुमार कोसे द्वारा संचालित कार्यालय से संबंधित सामान भी जब्त किया गया। राजकुमार कोसे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद मामले में धारा 467 और 468 भी जोड़ी गईं तथा 11 जून 2017 को अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
मामले की आगे की जांच में कंपनी के अन्य डायरेक्टरों की जानकारी जुटाने के लिए ROC ग्वालियर से रिकॉर्ड प्राप्त किए गए। जांच में दिनेश सैनी पिता नंदकिशोर लोधी निवासी मक्सी, जिला शाजापुर, नरेंद्र लोधी पिता हरिसिंह लोधी निवासी मक्सी, जिला शाजापुर और सुनील तिवारी पिता दशरथ प्रसाद तिवारी निवासी इंदौर के नाम कंपनी के डायरेक्टर के रूप में सामने आए।
पुलिस को जांच के दौरान दिनेश सैनी के केंद्रीय जेल उज्जैन में निरुद्ध होने की जानकारी मिली थी। न्यायालय के आदेश पर उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए केंद्रीय जेल उज्जैन से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अपराध स्वीकार करने के बाद उसे 28 जून 2022 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल उज्जैन भेजा गया था।
वहीं मामले के शेष आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी। इसी दौरान सुनील तिवारी के जशपुर आने की सूचना पुलिस को मिली। इसके आधार पर घरघोड़ा पुलिस ने 3 सितंबर 2026 को उसे जशपुर से पकड़ लिया। पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक सुनील तिवारी की गिरफ्तारी में निरीक्षक कुमार गौरव साहू, एएसआई डेविड टोप्पो और आरक्षक हरीश पटेल की अहम भूमिका रही।




