ग्रिड ब्लैकआउट की स्थिति में 32 मिनट में कोरबा बिजली संयंत्र तक पहुंची स्टार्ट-अप पावर, छत्तीसगढ़ में ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल सफल

रायपुर। बड़े विद्युत संकट और ग्रिड ब्लैकआउट जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ ने ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया। इस अभ्यास के दौरान बांगो जल विद्युत गृह से स्टार्ट-अप पावर तैयार कर कोरबा स्थित ताप विद्युत संयंत्रों तक महज 32 मिनट में पहुंचाने में सफलता हासिल की गई। वहीं, पूरी ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन प्रक्रिया करीब 41 मिनट में पूरी की गई।

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य अंतर्राज्यीय ग्रिड के पूरी तरह ठप होने जैसी स्थिति में बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल करने की क्षमता का परीक्षण करना था। अभ्यास के दौरान ट्रांसमिशन, जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के इंजीनियरों एवं तकनीकी कर्मचारियों ने बेहतर समन्वय के साथ पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
मॉक ड्रिल के दौरान ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला डंगनिया स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर में मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते रहे।
अभ्यास के तहत हसदेव, हसदेव-बांगो, जमनीपाली और कोरबा पूर्व के चयनित विद्युत तंत्र को मुख्य ग्रिड से अलग कर एक आइलैंडेड सब-सिस्टम तैयार किया गया। इसके बाद नियंत्रित तरीके से विद्युत उत्पादन और भार को कम करते हुए इस सिस्टम को ब्लैकआउट की स्थिति में लाया गया।
इसके बाद बांगो जल विद्युत गृह में उपलब्ध डीजल जनरेटर सेट की सहायता से यूनिट क्रमांक-1 को शुरू किया गया और सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज किया गया। चरणबद्ध तरीके से हसदेव, जमनीपाली होते हुए कोरबा पूर्व तक स्टार्ट-अप बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
मॉक ड्रिल के अगले चरण में 160 एमवीए ट्रांसफार्मर के माध्यम से 220 केवी प्रणाली को ऊर्जीकृत किया गया और कोरबा पश्चिम तक स्टार्ट-अप विद्युत आपूर्ति पहुंचाई गई। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमनीपाली उपकेंद्र पर विद्युत भार जोड़ा गया और इसके अनुरूप बांगो इकाई क्रमांक-1 का उत्पादन बढ़ाया गया।
अभ्यास के अंतिम चरण में आइलैंडेड सब-सिस्टम को मुख्य ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज किया गया। इसके बाद सभी विद्युत उपकरणों पर सामान्य विद्युत व्यवस्था बहाल कर दी गई। पूरी सिंक्रोनाइजेशन प्रक्रिया में करीब 41 मिनट का समय लगा।
बांगो जल विद्युत संयंत्र छत्तीसगढ़ का एकमात्र ब्लैक स्टार्ट सक्षम जल विद्युत संयंत्र है। इसकी कुल स्थापित क्षमता 3×40 मेगावाट है। किसी बड़े ग्रिड फेलियर या पूर्ण ब्लैकआउट की स्थिति में यही संयंत्र अन्य बिजली उत्पादन इकाइयों को दोबारा शुरू करने के लिए आवश्यक स्टार्ट-अप पावर उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाता है।
इस अवसर पर जनरेशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक सी. एल. नेताम, स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर की मुख्य अभियंता श्रीमती शारदा सोनवानी, अधीक्षण अभियंता संजय चौधरी, अभिषेक जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ की इस सफल मॉक ड्रिल से यह साबित हुआ कि आपात परिस्थितियों में प्रदेश की बिजली व्यवस्था को तेजी से बहाल करने के लिए तकनीकी क्षमता और तैयारियां मजबूत हैं।




