गर्मी बढ़ते ही सक्रिय हुए एसी कॉपर चोर, ट्रांसपोर्ट नगर में हर रात कट रहे पाइप

कोरबा। शहर में तापमान 42 डिग्री के पार पहुंचते ही जहां लोगों की एसी पर निर्भरता बढ़ गई है, वहीं एसी कॉपर पाइप और आउटडोर यूनिट चोरी करने वाले गिरोह भी सक्रिय हो गए हैं। हालात यह हैं कि घरों और दफ्तरों के बाहर लगे एसी अब सुरक्षित नहीं रह गए हैं। खासकर ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र इन दिनों चोरों का आसान निशाना बन चुका है, जहां लगभग हर रात चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं।
पिछले एक माह से लगातार एसी कॉपर पाइप और आउटडोर यूनिट चोरी की घटनाएं हो रही हैं। कई मामलों में चोर सीसीटीवी कैमरों में कैद भी हुए हैं, लेकिन अब तक पुलिस किसी बड़े गिरोह तक नहीं पहुंच सकी है। लोगों का आरोप है कि पुलिस केवल घटनास्थल का निरीक्षण कर औपचारिकता निभा रही है।
स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रांसपोर्ट नगर स्थित प्रेस कॉम्प्लेक्स के दफ्तरों के एसी तक सुरक्षित नहीं हैं। एक दफ्तर में एक माह के भीतर दो बार कॉपर पाइप काटकर चोरी कर ली गई, जबकि एसबीआई के पास संचालित एक कार्यालय से चोर पूरा आउटडोर यूनिट ही खोलकर ले गए। यह सब उस इलाके में हुआ जहां जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और कुछ ही दूरी पर पुलिस चौकी भी मौजूद है।
स्थानीय लोगों के अनुसार चोर देर रात मुंह पर गमछा बांधकर आते हैं और आराम से एसी यूनिट खोलकर फरार हो जाते हैं। पुलिस के हाथ फुटेज तो लगते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल “जांच जारी है” कहकर मामला शांत कर दिया जाता है।
ट्रांसपोर्ट नगर के अलावा निहारिका क्षेत्र की कॉलोनियों में भी लोग कबाड़ चोरों की हरकतों से परेशान हैं। कई घरों में दो-दो बार एसी पाइप चोरी हो चुकी है, जिससे लोग तीसरी बार मरम्मत कराने से भी डर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब पुलिस चोरी रोक नहीं पा रही, तो बार-बार होने वाले नुकसान की भरपाई कौन करेगा।
कुछ समय पहले पुलिस ने एसी कॉपर पाइप चोरी करने वाले गिरोह के कुछ सदस्यों को पकड़ने का दावा किया था, लेकिन मौजूदा हालात बता रहे हैं कि शहर में अब भी कई गिरोह सक्रिय हैं। पुलिस की कार्रवाई कुछ कबाड़ी दुकानों तक सीमित रही, जबकि असली नेटवर्क अब तक सामने नहीं आ सका है।
700 रुपये के कबाड़ के लिए 8 हजार का नुकसान
एसी कॉपर पाइप चोरी की घटनाएं अब लोगों पर बड़ा आर्थिक बोझ बनती जा रही हैं। जानकारों के मुताबिक चोर अधिकांश मामलों में केवल तीन फीट तक कॉपर पाइप काटकर ले जाते हैं, जिसे कबाड़ में बेचने पर उन्हें करीब 700 रुपये मिलते हैं। लेकिन पाइप कटते ही एसी की पूरी गैस निकल जाती है और उपभोक्ताओं को पाइप जोड़ने, गैस भरवाने और मरम्मत पर करीब 8 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे नशे के आदी युवक सक्रिय हैं, जो नशे के लिए पैसे जुटाने रातभर कॉलोनियों और दफ्तरों में घूमते हैं और मौका मिलते ही एसी को निशाना बना लेते हैं।
शहरवासियों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो लोगों का पुलिस व्यवस्था से भरोसा उठने लगेगा। फिलहाल हालात ऐसे हैं कि आम लोगों के घर और दफ्तर असुरक्षित हैं, जबकि चोर बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं।




