Chhattisgarh

IPL मैच के फर्जी टिकट बेचकर ठगी करने वाले दुर्ग के 4 युवक गिरफ्तार, ChatGPT और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर से तैयार करते थे नकली टिकट

रायपुर/दुर्ग, 11 मई । IPL मैच के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक हाईटेक गिरोह का खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने दुर्ग जिले के चार युवकों को नकली IPL टिकट बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर ChatGPT और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से असली जैसे दिखने वाले फर्जी टिकट तैयार किए थे। लखनऊ साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दुर्ग निवासी श्रीकांत बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से बड़ी संख्या में फर्जी IPL टिकट, प्रिंटेड टिकट शीट, लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, पेपर कटर और प्रिंटिंग सामग्री जब्त की है। इसके अलावा एक CG नंबर की रिट्ज कार भी बरामद की गई है।

जानकारी के मुताबिक, 7 मई को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच IPL मैच खेला गया था। मैच देखने पहुंचे जालौन निवासी प्रदीप सिंह को स्टेडियम के बाहर आरोपियों ने दो टिकट बेचे और UPI के जरिए 1000 रुपए लिए। जब प्रदीप सिंह एंट्री गेट पर पहुंचे तो स्कैनिंग के दौरान टिकट फर्जी पाए गए। इसके बाद उन्होंने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने UPI ट्रांजैक्शन और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंची और उन्हें दोदनखेड़ा चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सोशल मीडिया और इंटरनेट से असली IPL टिकटों की तस्वीरें डाउनलोड करते थे। इसके बाद CorelDRAW जैसे डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से हूबहू नकली टिकट तैयार किए जाते थे। टिकट का डिजाइन, पेपर क्वालिटी और साइज समझने के लिए आरोपियों ने ChatGPT का भी इस्तेमाल किया।

गिरोह का सदस्य विश्वजीत साहू 2D और 3D डिजाइनिंग में माहिर बताया जा रहा है। उसने यह तकनीक YouTube और कोचिंग के जरिए सीखी थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम के बाहर भी नकली टिकट बेचने की कोशिश की थी, लेकिन वहां सफल नहीं हो पाए। इसके बाद उन्होंने तकनीक में बदलाव कर लखनऊ में लोगों को निशाना बनाया।

डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद ने बताया कि आरोपियों ने नकली टिकट बेचकर UPI के जरिए पेमेंट लिया था। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन को ट्रेस करते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मास्टरमाइंड श्रीकांत बोरकर है, जो ग्रेजुएट है और कार वॉशिंग का काम करता था। उसका साथी राजेंद्र चौधरी भी इसी व्यवसाय से जुड़ा हुआ है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 15 फर्जी IPL टिकट, 14 प्रिंटेड टिकट शीट, ASUS लैपटॉप, 4 स्मार्टफोन, प्रिंटिंग सामग्री, बैंक दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

Related Articles

Back to top button