जंग का असर: गैस सिलेंडर संकट गहराया, बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रही समय पर डिलीवरी

— सप्लाई घटने से एजेंसियों में बढ़ा दबाव, उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही दिक्कतें
कोरबा, 26 मार्च। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब शहर की रसोई तक पहुंच गया है। बॉटलिंग प्लांट से गैस सिलेंडरों की आपूर्ति घटने के कारण कोरबा की गैस एजेंसियों में भारी कमी देखी जा रही है। हालात यह हैं कि उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जबकि कई मामलों में बिना डिलीवरी के ही मोबाइल पर ‘डिलीवर्ड’ का मैसेज भेज दिया जा रहा है।
पहले जहां बुकिंग के 2 से 3 दिनों के भीतर सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब एक सप्ताह या उससे अधिक का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे शहर के हजारों उपभोक्ता प्रभावित हैं और घरेलू कामकाज भी बाधित हो रहा है। खासकर मध्यमवर्गीय और किराए के मकानों में रहने वाले परिवारों को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों में लंबित बुकिंग लगातार बढ़ रही है। एचपी गैस की एक प्रमुख एजेंसी में पेंडिंग बुकिंग 300 के पार पहुंच चुकी है, जहां उपभोक्ताओं को करीब एक सप्ताह बाद सिलेंडर मिल रहा है। इंडेन गैस एजेंसी में भी बुकिंग का दबाव अधिक है और 2 से 3 दिन की देरी सामान्य हो गई है। वहीं, भारत गैस की एजेंसी में भी 400 से अधिक बुकिंग लंबित बताई जा रही हैं, जहां 3 से 4 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। कई जगहों पर एक दिन में आने वाला स्टॉक कुछ ही घंटों में खत्म हो जा रहा है।
उपभोक्ताओं की शिकायत है कि उन्हें सिलेंडर मिले बिना ही मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज भेज दिया जाता है, जिससे भ्रम और नाराजगी की स्थिति बन रही है। बालको क्षेत्र के एक उपभोक्ता ने बताया कि उन्होंने तय समय पर बुकिंग कराई, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला और रिकॉर्ड में डिलीवरी दिखा दी गई। वहीं, शहर के अन्य इलाके के एक उपभोक्ता ने बताया कि बिना बुकिंग के ही उनके मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज आ गया, जिसके बाद उन्हें एजेंसी के कई चक्कर लगाने पड़े।
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि बॉटलिंग प्लांट से पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल रही है, जिसके कारण मांग और सप्लाई के बीच असंतुलन की स्थिति बनी हुई है। ट्रांसपोर्ट और लोडिंग में देरी भी एक बड़ी वजह बताई जा रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में समस्या और बढ़ सकती है।
जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर सप्लाई सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। खाद्य विभाग ने एजेंसियों को पारदर्शिता बनाए रखने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
क्या करें उपभोक्ता
यदि बिना सिलेंडर मिले डिलीवरी का मैसेज प्राप्त होता है, तो तुरंत संबंधित गैस एजेंसी में शिकायत करें। सुनवाई नहीं होने पर गैस कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, एलपीजी पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से भी शिकायत की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर जिला खाद्य विभाग में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की जा सकती है।
विकल्प की तलाश में लोग
संकट के बीच कई उपभोक्ता वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रिक कुकर और होटल-ढाबों का सहारा ले रहे हैं। हालांकि इससे अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है, जो आम परिवारों के बजट पर असर डाल रहा है।




