भीषण गर्मी/ताप लहर से बचाव हेतु सुरक्षा उपाय व दिशा-निर्देश जारी

जांजगीर-चांपा, 24 मार्च 2026। प्रदेश में बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेव को देखते हुए निदेशक ट्रेनिंग ऑपरेशन अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवांए नगर सेना तथा नागरिक सुरक्षा छत्तीसगढ़ द्वारा आम नागरिकों के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय एवं दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार जहां तक संभव हो तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच। प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें तथा यात्रा के दौरान हमेशा पीने का पानी साथ रखें। हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें तथा धूप में निकलते समय सुरक्षात्मक चश्मा, छाता या टोपी का उपयोग करें। सिर को ढकने के लिए तौलिया या कपड़ा तथा पैरों में जूते या चप्पल पहनना आवश्यक बताया गया है। चिलचिलाती धूप में अधिक ऊर्जा और शक्ति लगने वाली गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है। यदि बाहर काम करना अनिवार्य हो, तो सिर को ढकने के लिए गीले कपड़े या छाते का उपयोग करें। आहार में हल्का भोजन शामिल करें और पानी की मात्रा से भरपूर फल जैसे खरबूजा, ककड़ी और खट्टे फल का सेवन करें। मांस और नट्स जैसे उच्च प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें, जो चयापचय ऊष्मा को बढ़ाते हैं। साथ ही बाहर का और बासी खाना खाने से बचें।
घर पर बने पारंपरिक स्वस्थ पेय पदार्थ जैसे नींबू पानी, छाछ और जूस का उपयोग करें। बच्चों और पालतू जानवरों को पार्क किये गये वाहनों में अकेला न छोड़ें। पशुओं को छाया में रखें और उन्हें पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं। घर को ठंडा रखने के लिए पर्दे, शटर या सनशेड का उपयोग करें तथा रात के समय खिड़कियां खोलकर पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें। स्थानीय मौसम के पूर्वानुमानों को सुने और तापमान परिवर्तनों से अवगत रहें। किसी भी प्रकार की बीमारी, चक्कर या अचेतना की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेने या निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करने की सलाह दी गई है।
हीट स्ट्रोक की स्थिति में क्या करें
हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देने पर व्यक्ति को तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर लिटाएं तथा उसके पैरों को थोड़ा उपर उठा के लिटा दें। गीले कपड़े से शरीर पोंछें या ठंडे पानी का छिड़काव करें। शरीर को हाइड्रेट करने के लिए ओआरएस, नींबू पानी, नमक-चीनी का घोल या जूस पिलाएं। यदि व्यक्ति पूरी तरह होश में न हो, तो उसे कुछ भी खाने या पीने के लिए न दें। एक घंटे के भीतर लक्षणों में सुधार न होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।





