Chhattisgarh

विधायक अनुज शर्मा ने सदन में उठाये रायपुर जिले में क्रशर प्लांटों द्वारा रॉयल्टी चोरी का मामला: मुख्यमंत्री नें दियें उच्च स्तरीय जांच के आदेश

रायपुर । विधानसभा के पटल पर आज रायपुर जिले के क्रशर प्लांटों में हो रही बड़े पैमानें में रॉयल्टी चोरी का मुद्दा धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने सदन में इस विषय को प्रमुखता सें उठाते हुए सरकार का ध्यान इस गंभीर अनियमितता की ओर आकर्षित किया।


विधायक अनुज शर्मा ने सदन में साक्ष्य आधारित तर्क रखते हुए मुद्दा उठाया कि रायपुर जिले के क्रशर प्लांटों में व्यापक स्तर पर रॉयल्टी की चोरी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्लांटों में जितनी बिजली की खपत हो रही है, वह वहां होने वाले वास्तविक खनन और जमा की गई रॉयल्टी के आंकड़ों से मेल नहीं खाती। यह विसंगति सीधे तौर पर राजस्व की बड़ी हानि की ओर संकेत करती है। क्रशर प्लांटों की बिजली खपत ,खनन की मात्रा’ और ‘जमा की गई रॉयल्टी’ के आंकड़ों का आपस में मिलान (Cross-Verification) किया जाए।

यदि इन तीनों पहलुओं की विस्तृत ऑडिट जांच कराई जाती है, तो बड़े पैमाने पर हो रही रॉयल्टी चोरी का पर्दाफाश होगा।मैं माननीय मुख्यमंत्री जी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करता हूँ ताकि राज्य के खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों पर सख्त कार्यवाही की जा सके। खनिज संपदा राज्य की जनता की धरोहर है। कुछ लोग अवैध तरीके से अपनी जेबें भर रहे हैं और सरकार को मिलने वाले राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह स्थिति कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सदन में ही जांच कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि संदिग्ध क्रशर प्लांटों की सूची उपलब्ध कराई जाती है तो सरकार बिजली खपत और माइनिंग के आधार पर उनकी ऑडिट जांच कराएगी और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


सदन में मुख्यमंत्री द्वारा उच्च स्तरीय जांच के आदेश पर विधायक अनुज शर्मा नें मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा की माननीय मुख्यमंत्री जी का यह निर्णय प्रदेश में पारदर्शिता और जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाता है। अवैध क्रशर और माइनिंग की आड़ में शासन को राजस्व की क्षति पहुँचाने वाले तत्वों पर यह एक सर्जिकल स्ट्राइक की तरह होगा। हम जल्द ही संदिग्ध क्रशर प्लांटों की विस्तृत सूची सरकार को सौंपेंगे, ताकि बिजली ऑडिट और माइनिंग रिकॉर्ड के जरिए दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। इस जांच से न केवल दोषियों पर लगाम कसेगी, बल्कि ईमानदार व्यवसायियों का मनोबल भी बढ़ेगा।

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