महिलाएँ समाज की प्रेरक शक्ति : सांसद ज्योत्सना महंत,महिला दिवस पर महिला पत्रकारों से आत्मीय संवाद, शिक्षा को बताया सशक्तिकरण की सबसे बड़ी कुंजी

कोरबा, 8 मार्च। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कोरबा की सांसद ज्योत्सना महंत ने पावर सिटी की महिला पत्रकारों के साथ आत्मीय संवाद किया। रविवार को सांसद निवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने समाज में महिलाओं की स्थिति, उनकी भूमिका और चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए तथा युवा बेटियों को प्रेरणादायी संदेश दिया।
महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए सांसद महंत ने कहा कि महिलाएँ समाज की प्रेरक शक्ति हैं और परिवार तथा समाज के निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि एक महिला ही घर को केवल मकान से घर बनाती है और वह दिन-रात अनेक भूमिकाएँ निभाते हुए परिवार की जिम्मेदारियों को संभालती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का योगदान समाज के हर क्षेत्र में दिखाई देता है।
आधुनिक समाज में महिलाओं की बदलती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि आज की महिला केवल घर तक सीमित नहीं है, बल्कि वह परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी बराबरी से भागीदारी निभा रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक महिला परिवार के लिए रोटी कमाने के साथ-साथ घर की जिम्मेदारियाँ निभाने में भी पूरी तरह सक्षम है।
अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए सांसद ज्योत्सना महंत ने बताया कि उनका जन्म एक गैर-राजनीतिक परिवार में हुआ और उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वे जनप्रतिनिधि बनेंगी। हालांकि बचपन से ही उनके भीतर लोगों की सेवा करने की भावना थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, वह उन्हें समाज और क्षेत्र के लोगों की सेवा करने का अवसर प्रदान करती है।
महिलाओं के सामने मौजूद चुनौतियों का उल्लेख करते हुए सांसद महंत ने कहा कि आज महिलाएँ घर और नौकरी दोनों जिम्मेदारियाँ निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद वे कई सामाजिक बंधनों से घिरी रहती हैं। कई बार समाज उनके हर कदम और निर्णय को नियंत्रित करने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि समाज का यह दायित्व है कि आने वाली पीढ़ी की बेटियों के लिए अवसरों और संभावनाओं का रास्ता और अधिक सरल बनाया जाए।
महिलाओं की नेतृत्व में भागीदारी पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर महिलाएँ चुनाव जीतकर पदों पर तो आ जाती हैं, लेकिन वास्तविक कामकाज उनके पति संभालते हैं। उन्होंने कहा कि ‘सरपंच पति’ जैसी प्रथा महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण के मार्ग में बाधा है और इसे समाप्त होना चाहिए।
सांसद महंत ने जोर देते हुए कहा कि वास्तविक सशक्तिकरण केवल शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। इसलिए समाज के प्रत्येक परिवार को अपनी बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर लड़की का नौकरी करना आवश्यक नहीं है, लेकिन शिक्षित होने से वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती है और दूसरों को भी जागरूक करने में सक्षम बनती है।
कार्यक्रम के दौरान सांसद ज्योत्सना महंत ने उपस्थित महिला पत्रकारों को सम्मानित भी किया और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज का महत्वपूर्ण स्तंभ है और महिला पत्रकारों की भूमिका भी समाज को जागरूक बनाने में अहम है।
यह कार्यक्रम कोरबा प्रेस क्लब के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें शहर की कई महिला पत्रकार उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान सांसद और महिला पत्रकारों के बीच विभिन्न सामाजिक विषयों पर खुलकर चर्चा हुई और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।




