चर्चित मनीष हत्याकांड में फैसला.. दो को उम्रकैद, 3 बरी: खंडवा में 2019 के नवदुर्गा जुलूस में नाचने पर चाकू घोंपा, CCtv में कैद हुई थी घटना

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खंडवा5 घंटे पहले
फाइल फोटो- जब पुलिस ने आरोपियों का जुलूस निकाला था।
खंडवा के चर्चित मनीष कनाड़े हत्याकांड में विशेष न्यायालय खंडवा ने फैसला सुनाते हुए पांच में से दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। बाकी 3 आरोपियों को बरी कर दिया। 2019 में जुलूस के दौरान घंटाघर चौक के पास डीजे पर नाचने की बात पर आरोपियों ने चाकू से वार कर दिया था। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरें में कैद हुई थी। पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि आरोपियों ने इस कदर चाकू से वार किए कि फेफड़े फटने से मनीष कनाड़े ने दम तोड़ दिया।
बुधवार को न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनुसुचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम प्रकाशचंद्र आर्य की कोर्ट ने फैसला सुनाया। आरोपी पवन केशनिया, तरूण उर्फ अज्जू रायकवार को अलग-अलग धाराओं में दंडित करके आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में राहुल पिता रामस्वरूप, बादल पिता अवधनारायण और मोनू पिता सतीश को बरी कर दिया। उक्त मामला जघन्य एवं सनसनीखेज से चिन्हित था। मामले में अभियोजन की ओर से प्रकरण का संचालन एडीपीओ एमएल सोलंकी ने किया।
जानिए, चर्चित मनीष हत्याकांड के बारे में…
मीडिया सेल प्रभारी प्रीति मीणा ने बताया 9 अक्टूबर 2019 को फरियादी गौरव पाठक ने बताया था कि उसके दोस्त विक्की उर्फ विकास को डीजे ऑपरेटर ऋषभ गंगराडे ने इंद्रा चौक पर बुलाया था। विक्की इंद्रा चौक जाने के पहले उसके घर पर आया था और उसे माताजी के विसर्जन में चलने को कहा था। वह विक्की के साथ डीजे की गाडी लेकर इंद्रा चौक पर गया था। जहां मनीष कनाडे (मृतक) भी आ गया था और वह डीजे के सामने नाच रहा था।
जुलुस में पवन केसनिया, तरूण उर्फ अज्जु, राहुल मेहरा तथा बादल शर्मा भी साथ थे। जब जुलुस घंटाघर पर पहुंचा तो नाचने के दौरान धक्का लगने की बात पर मनीष कनाडे (मृतक) से पवन, अज्जु उर्फ तरूण, राहुल तथा बादल का विवाद हो गया। चारों ने मनीष (मृतक ) को पकड़ कर सपना स्टोर के सामने नीम के झाड़ के पास पवन केसनिया ने अपने पास रखे लोहे के धारदार चाकू से जान से मारने की नियत से दाहिने काक व पीट पर दो बार चाकू मारा। राहुल तथा बादल ने मनीष को पकड़ रखा था। जब गौरव और विकास बीच-बचाव करने आए तो उन दोनों को भी आरोपीगण ने चाकू से मारा था।
मनीष कनाडे की इलाज के दौरान अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। इस मामले में कोतवाली थाने के द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। विशेष न्यायालय द्वारा अभियोजन का मामला प्रमाणित पाते हुए आरोपी पवन एवं तरूण को दोषसिद्ध किया गया। शेष तीन आरोपीगण को दोषमुक्त किया।
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