5 एकड़ शासकीय जमीन बिक्री विवाद में जांच समिति बनाने की तैयारी…

राजनांदगांव,18 सितंबर । शहर के प्रतिष्ठित वाइडनेयर स्कूल को राजगामी संपदा न्यास द्वारा दी गई शासकीय लीज भूमि के कथित क्रय-विक्रय मामले में अब कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होती नजर आ रही है। राजगामी संपदा न्यास समिति ने इस मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग करने का निर्णय लिया है। शिकायतकर्ता क्रिष्टोफर पॉल के अनुसार, वर्ष 1975 में तत्कालीन कलेक्टर और राजगामी संपदा न्यास द्वारा लालबाग क्षेत्र में करीब 5 एकड़ भूमि वाइडनेयर स्कूल के संचालन के लिए आवंटित की गई थी। यह जमीन शैक्षणिक उद्देश्य के लिए लीज पर दी गई थी। नियमों के मुताबिक, राजगामी संपदा की लीज पर दी गई भूमि को बिना शासन और न्यास की अनुमति के किसी अन्य संस्था या व्यक्ति को हस्तांतरित अथवा विक्रय नहीं किया जा सकता।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बावजूद संबंधित संस्था ने न्यास और कलेक्टर को जानकारी दिए बिना भूमि को दो अलग-अलग संस्थाओं को बेच दिया।शिकायतकर्ता क्रिष्टोफर पॉल का कहना है कि वह पिछले आठ वर्षों से इस मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर भूमि को दोबारा राजगामी संपदा में निहित करने की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि पहले राजनीतिक दबाव के कारण मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो सकी। हालांकि अब राजगामी संपदा न्यास समिति ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच की दिशा में कदम बढ़ाने का फैसला किया है।राजगामी संपदा न्यास की गुरुवार को हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में संपदा की दुकानों पर कब्जे और बकाया राशि की वसूली करने का फैसला लिया गया।
इसके अलावा कमला कॉलेज के सामने करीब 40 दुकानों वाला नया कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया। बैठक में संपदा की जमीनों और संपत्तियों का ऑडिट कराने सहित कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। समिति ने राजगामी संपदा की संपत्तियों की स्थिति और रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने पर जोर दिया।अध्यक्ष पूर्णिमा साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंदिरों और संपदा से जुड़े अन्य विषयों पर भी निर्णय लिए गए। समिति ने किराएदारों से नियमित किराया वसूली करने और अवैध रूप से कब्जा करने वाले किराएदारों की दुकानों को सील करने का फैसला लिया। इसके अलावा राजगामी संपदा की जमीनों की पहचान स्पष्ट करने के लिए बोर्ड, साइन बोर्ड और वॉल राइटिंग कराने का निर्णय भी लिया गया, ताकि लोगों को जानकारी मिल सके कि संबंधित भूमि राजगामी संपदा के अंतर्गत आती है।
बैठक में मंदिरों के जीर्णोद्धार को लेकर भी चर्चा हुई। समिति ने विभिन्न मंदिरों का स्थल निरीक्षण कर आवश्यकता के अनुसार राशि स्वीकृत करने का प्रस्ताव रखा। वहीं पुजारियों के वेतन में बढ़ोतरी का भी निर्णय लिया गया। पुजारियों का वेतन 2500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने की बात तय हुई। इसके साथ ही रानी सागर में रानी सूर्यमुखी देवी की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। बैठक में ट्रस्टी रहे मौजूद बैठक में अध्यक्ष पूर्णिमा साहू के अलावा उपाध्यक्ष मनोज निर्वाणी, सदस्य सीईओ मारकंडे, शैलेंद्र अग्रहरि, आबिद बेग, अशोक चतुर्वेदी, गणेश राम साहू, देव कुमार बंजारे, राजेन्द्र कुमार पटेल, चंदन राम यादव, राजकुमार यदु, जितेन कुमार यादव, नीलमणि यादव, विमला यादव, अश्विनी यादव और ओम प्रकाश साहू सहित अन्य ट्रस्टी मौजूद रहे। अब सभी की नजर कलेक्टर को भेजे जाने वाले प्रस्ताव और जांच समिति के गठन पर टिकी हुई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लीज भूमि के हस्तांतरण मामले में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।




