Chhattisgarh

19 वर्ष की निधि बनीं ‘सर्प मित्र’, सैकड़ों सांपों और बेजुबान जीवों को बचाकर पेश की मिसाल

सक्ती। जिस उम्र में अधिकांश युवा अपने करियर और भविष्य की योजनाओं में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में सक्ती जिले के ग्राम हरेठी की 19 वर्षीय निधि सोनी ने जीव-जंतुओं के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को अपना मिशन बना लिया है। सर्पों के सुरक्षित रेस्क्यू से लेकर घायल पशु-पक्षियों के उपचार और संरक्षण तक, उनका सेवा कार्य क्षेत्र में प्रेरणा का विषय बन गया है। अपनी निस्वार्थ सेवाओं के कारण वे अब पूरे इलाके में ‘सर्प मित्र’ के नाम से जानी जाती हैं।

पशु चिकित्सा का अध्ययन कर रही निधि सोनी का कहना है कि “सांप हमारे दुश्मन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रहरी हैं। वे पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डर नहीं, बल्कि सही जानकारी और जागरूकता ही इंसान और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा का सबसे बड़ा माध्यम है।”

प्रेस रिपोर्टर क्लब छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मीडिया प्रभारी सुरेश पटेल से विशेष बातचीत में निधि ने बताया कि अब तक वे सैकड़ों विषैले और गैर-विषैले सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ चुकी हैं। गांवों, खेतों और रिहायशी इलाकों में सांप निकलने की सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से उनका सुरक्षित रेस्क्यू करती हैं। उनका कहना है कि अधिकांश सांप बिना उकसावे के हमला नहीं करते, लेकिन लोग भय और अज्ञानता के कारण उन्हें मार देते हैं, जबकि वे खेतों में चूहों जैसी हानिकारक प्रजातियों को नियंत्रित कर किसानों और पर्यावरण दोनों के लिए उपयोगी साबित होते हैं।

सर्प संरक्षण के साथ-साथ निधि घायल गाय, कुत्ते, बछड़े, पक्षियों तथा अन्य बेजुबान जीवों की सेवा में भी हमेशा आगे रहती हैं। सड़क दुर्घटना में घायल पशुओं या किसी अन्य जीव के संकट में होने की सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराती हैं। आवश्यकता पड़ने पर पशु चिकित्सकों से संपर्क कर इलाज की व्यवस्था करवाती हैं और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में भी मदद करती हैं। उनके इस सेवा कार्य से अनेक बेजुबान जीवों को नया जीवन मिला है।

निधि अपनी पढ़ाई के साथ समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी भी पूरी निष्ठा से निभा रही हैं। मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें लगातार रेस्क्यू और सहायता के लिए कॉल प्राप्त होते हैं, जिन पर वे अपनी क्षमता के अनुसार तत्काल कार्रवाई करती हैं।

सर्पदंश की घटनाओं को लेकर उन्होंने लोगों को महत्वपूर्ण सलाह देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपचार के भरोसे समय न गंवाएं। पीड़ित को तत्काल निकटतम अस्पताल पहुंचाना ही सबसे सुरक्षित और वैज्ञानिक उपाय है। समय पर उपचार मिलने से अधिकांश लोगों की जान बचाई जा सकती है।

बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए निधि ने कहा कि यदि घर या आसपास सांप दिखाई दे तो घबराने की बजाय प्रशिक्षित सर्प मित्र, वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचना दें। स्वयं सांप पकड़ने या उसे मारने का प्रयास न करें, क्योंकि इससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।

कम उम्र में सेवा, साहस और जीव संरक्षण का जो उदाहरण निधि सोनी ने प्रस्तुत किया है, वह आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। उनका मानना है कि सही प्रशिक्षण, अनुशासन और सेवा भावना के साथ हर युवा पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। निधि का समर्पण यह संदेश देता है कि संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच के साथ किया गया छोटा-सा प्रयास भी समाज और प्रकृति के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है।

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