हरि लीला ट्रस्ट का आयोजन ‘भक्ति राग जांजगीर’: 16 अक्टूबर को हाई स्कूल मैदान में गूंजेगी शहनाज अख्तर की भक्ति स्वरधारा, ‘एक शाम माँ के नाम’

जांजगीर। सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हरि लीला ट्रस्ट, बनारी, नैला-जांजगीर अब नवरात्रि के अवसर पर भक्ति और संगीत का भव्य आयोजन करने जा रहा है। ट्रस्ट की ओर से 16 अक्टूबर, शुक्रवार को शाम 7 बजे से हाई स्कूल मैदान, जांजगीर में “भक्ति राग जांजगीर—एक शाम माँ के नाम” का आयोजन किया जाएगा। आयोजन में सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियां देंगी। खास बात यह है कि कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
जांजगीर-नैला की नवरात्रि अपनी भक्तिमय परंपरा और भव्य आयोजनों के लिए जानी जाती है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हरि लीला ट्रस्ट ने ‘भक्ति राग जांजगीर’ की संकल्पना तैयार की है। आयोजन का उद्देश्य शहर और अंचल के लोगों को एक ऐसे मंच पर एकत्र करना है, जहां संगीत, श्रद्धा और आस्था का संगम हो और पूरा वातावरण मां की भक्ति से सराबोर हो।

हरि लीला ट्रस्ट के अध्यक्ष लीलाधर सुल्तानिया ने कहा कि जांजगीर-नैला की पहचान नवरात्रि के दौरान होने वाले भक्तिमय आयोजनों से रही है। ‘भक्ति राग जांजगीर’ इसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित आयोजन में पहुंचकर मां की भक्ति में सहभागी बनने की अपील की।
वहीं हरि लीला ट्रस्ट के सचिव अमर सुल्तानिया ने कहा कि ‘भक्ति राग जांजगीर’ को केवल एक सांस्कृतिक या संगीत कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति, संगीत और सामाजिक सहभागिता के उत्सव के रूप में तैयार किया गया है। उनका कहना है कि नवरात्रि के दौरान जांजगीर-नैला सहित पूरा अंचल भक्तिमय हो जाता है। इसी भावना को केंद्र में रखते हुए ट्रस्ट ने ऐसा आयोजन करने का निर्णय लिया है, जिसमें हर आयु वर्ग के लोग परिवार के साथ शामिल होकर मां की आराधना और भक्ति संगीत का आनंद ले सकें।
00 सेवा से समाज तक, हरि लीला ट्रस्ट की अलग पहचान
हरि लीला ट्रस्ट की गतिविधियां केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों तक सीमित नहीं हैं। ट्रस्ट ने स्वास्थ्य, शिक्षा, दिव्यांग सहायता, सामाजिक सम्मान, युवा प्रेरणा, अन्न सेवा, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता को अपनी सेवा परंपरा का हिस्सा बनाया है।
ट्रस्ट की ओर से प्रतिवर्ष निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता है, जिनसे हर साल 5 हजार से अधिक जरूरतमंद लाभान्वित होते हैं। इसके साथ ही सैकड़ों जरूरतमंद लोगों को कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र और व्हीलचेयर उपलब्ध कराने का कार्य भी किया जाता है।
शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए बोर्ड परीक्षाओं की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि, मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है। वहीं समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों और संस्थाओं को ‘प्रेरणा सम्मान’ से सम्मानित करने की परंपरा भी ट्रस्ट ने विकसित की है।
युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से ट्रस्ट द्वारा विश्वविख्यात मोटिवेटर और स्पीकर्स के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा चुके हैं। इनमें सोनू शर्मा, अवध ओझा, शंकर गोयनका, दिल्ली और डॉ. संतोष राय, भिलाई सहित कई ख्यातिलब्ध वक्ताओं ने सहभागिता की है।
00 अन्न सेवा से पर्यावरण संरक्षण तक
हरि लीला ट्रस्ट ने ‘अन्नपूर्णा’ भाव को आत्मसात करते हुए नियमित अन्न सेवा को भी अपनी गतिविधियों में शामिल किया है। आपदा के समय त्वरित राहत पहुंचाने, समाज के कमजोर वर्गों की बेटियों के विवाह में सहयोग देने तथा बुजुर्गों को सम्मान और सहारा प्रदान करने जैसे कार्य भी ट्रस्ट द्वारा किए जाते रहे हैं।
प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में भी ट्रस्ट सक्रिय है। ट्रस्ट द्वारा 50 हजार से अधिक पौधों का वृक्षारोपण किया जा चुका है। इसके साथ ही बेजुबान प्राणियों की रक्षा और गौ-सेवा जैसे कार्य भी निरंतर किए जा रहे हैं।
00 सफलता संकल्प उत्सव’ से ‘भक्ति राग’ तक
गत वर्ष 2025 में हरि लीला ट्रस्ट द्वारा ‘सफलता संकल्प उत्सव’ का आयोजन किया गया था। इसमें हजारों विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। अंचल की अग्रणी समाजसेवी संस्थाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल प्रतिभागियों, राष्ट्रपति एवं राज्यपाल से पुरस्कृत शिक्षकों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली हस्तियों का सम्मान भी किया गया। इसके अलावा करियर गाइडेंस कार्यक्रम के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया।
ट्रस्ट का कहना है कि इसी सेवा, सम्मान और सामाजिक सहभागिता की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष ‘भक्ति राग जांजगीर—एक शाम माँ के नाम’ का आयोजन किया जा रहा है।
हरि लीला ट्रस्ट ने जिलेवासियों, मातृशक्ति, युवाओं, बुजुर्गों और सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे 16 अक्टूबर को शाम 7 बजे हाई स्कूल मैदान, जांजगीर पहुंचकर परिवार और मित्रों के साथ इस भक्तिमय आयोजन का हिस्सा बनें और ‘एक शाम माँ के नाम’ को यादगार बनाएं।




