स्वामित्व योजना से देवनाथ को मिला पुश्तैनी घर का कानूनी अधिकार, बढ़ा आत्मविश्वास

कोरबा, 17 सितंबर 2026। किसी व्यक्ति के लिए उसका घर सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि परिवार की पहचान और वर्षों की मेहनत से जुड़ा आशियाना होता है। कोरबा जिले के कटघोरा तहसील अंतर्गत ग्राम राल निवासी देवनाथ के लिए भी उनका घर लंबे समय से भावनात्मक जुड़ाव का केंद्र रहा, लेकिन आबादी भूमि पर मकान होने के बावजूद उनके पास स्वामित्व प्रमाणित करने वाला आधिकारिक दस्तावेज नहीं था। स्वामित्व योजना के तहत अब उन्हें भूमि अधिकार अभिलेख (प्रॉपर्टी कार्ड) मिलने से उनके पुश्तैनी आशियाने को कानूनी पहचान मिल गई है।
ग्राम राल में स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन तकनीक के माध्यम से आबादी भूमि का सर्वेक्षण और मैपिंग की गई। ड्रोन सर्वे से मकानों और भूमि की वास्तविक स्थिति तथा सीमाओं का सटीक निर्धारण किया गया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद देवनाथ को उनकी संपत्ति से संबंधित अधिकार अभिलेख प्रदान किया गया।
अधिकार अभिलेख मिलने के बाद देवनाथ को अपनी जमीन और मकान की पहचान तथा सीमाओं को लेकर स्पष्टता मिली है। इससे उनके मन में लंबे समय से बनी असुरक्षा दूर हुई और अपने घर को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा है। देवनाथ ने बताया कि उनका मकान आबादी भूमि पर बना है और स्वामित्व योजना के माध्यम से उन्हें इस भूमि का स्वामित्व एवं अधिकार अभिलेख प्राप्त हुआ है। उन्होंने इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार जताया।
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी भूमि का सर्वेक्षण, सीमांकन और अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराए जाने से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति की स्पष्ट पहचान मिल रही है। साथ ही संपत्ति संबंधी दस्तावेज उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों में सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना भी मजबूत हो रही है। देवनाथ के लिए यह अधिकार अभिलेख वर्षों से बसे उनके आशियाने को अधिकार, पहचान और सुरक्षा से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज बन गया है।




