Chhattisgarh

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में काले चावल की खेती को मिलेगा बढ़ावा, कलेक्टर ने किया निरीक्षण; किसानों को ₹35 हजार प्रति क्विंटल तक मिलने की उम्मीद

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 28 अक्टूबर। जिले में किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए काले चावल की खेती का विस्तार किया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने दानसरा पहुंचकर ‘कुरो’ किस्म के काले चावल की खेती का निरीक्षण किया और किसानों से उत्पादन एवं विपणन व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मुड़ियाडीह में भौतिक सत्यापन कार्य तथा पीएम स्कूलों में संचालित मिनी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं का भी जायजा लिया।

जिले में करीब 200 किसान लगभग 340 एकड़ क्षेत्र में कुरो किस्म के काले चावल की खेती कर रहे हैं। किसानों ने कंपनी के साथ अनुबंध किया है, जिसके तहत उनकी उपज खरीदी जाएगी। इसके लिए किसानों को प्रति क्विंटल 25 हजार से 35 हजार रुपये तक मिलने की उम्मीद है।

जैविक खेती से बेहतर आमदनी की उम्मीद

दानसरा में किसान मनोज कुमार साहू ने कलेक्टर को बताया कि वे एक एकड़ में जैविक पद्धति से काले चावल की खेती कर रहे हैं। उन्हें प्रति एकड़ करीब 15 क्विंटल उत्पादन होने की उम्मीद है। कंपनी के साथ उपज खरीदी का अनुबंध होने से किसानों को बाजार उपलब्ध होने और बेहतर कीमत मिलने का भरोसा मिला है।

कृषि विभाग के अनुसार, आगामी खरीफ सीजन में कुरो काले चावल की जैविक खेती का रकबा एक हजार हेक्टेयर से अधिक करने की संभावना है। कृषक उन्नति योजना के तहत काले चावल की खेती करने वाले किसानों का धान के स्थान पर अन्य फसल उत्पादन के लिए 15 हजार रुपये की सहायता राशि हेतु पंजीयन भी कराया जा रहा है।

कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को खेती का रकबा बढ़ाने और किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक फसलों को अपनाने से फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और सामान्य धान पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

मुड़ियाडीह में पीवी-डीसीएस कार्य का निरीक्षण

दानसरा के बाद कलेक्टर ने मुड़ियाडीह में भौतिक सत्यापन कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने खेतों में ऐप के माध्यम से पीवी करने की प्रक्रिया की जानकारी ली और शेष पीवी तथा डीसीएस कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

स्कूलों में मिट्टी परीक्षण की मिलेगी तकनीकी जानकारी

स्वॉयल हेल्थ कार्ड योजना के तहत कृषि विभाग ने जिले के तीन पीएम स्कूलों में मिनी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं उपलब्ध कराई हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थी मिट्टी के नमूनों की जांच और मृदा स्वास्थ्य से संबंधित तकनीक सीख सकेंगे।

कलेक्टर ने सारंगढ़ स्थित पीएम स्कूलों में प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया और विद्यार्थियों से मिट्टी परीक्षण के संबंध में चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने खेतों से मिट्टी के नमूने लाकर उनकी जांच करने तथा मृदा स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कृषि विभाग को तीनों प्रयोगशालाओं की मशीनों का तत्काल कैलिब्रेशन कराने और कृषि संकाय के विद्यार्थियों को मिट्टी परीक्षण का समुचित प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एडीएम डीएस राजपूत, उप संचालक कृषि आशुतोष श्रीवास्तव, तहसीलदार, आरआई, कृषि विभाग के अधिकारी, कुरो कंपनी के प्रतिनिधि प्रकाश जोशी और क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।

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