सलिहाभांठा में सात घंटे तक लो-वोल्टेज से ठप रही बिजली, उमस भरी रात में ग्रामीणों ने किया रतजगा; शिकायतों के बावजूद नहीं पहुंचा अमला

कोरबा/बरपाली। बरपाली विद्युत वितरण केंद्र के अंतर्गत तुमान फीडर से जुड़े ग्राम पंचायत सलिहाभांठा में शनिवार देर रात उत्पन्न लो-वोल्टेज (जीरो वोल्टेज) की समस्या के कारण ग्रामीणों को पूरी रात भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि रात करीब 11.45 बजे से बिजली व्यवस्था प्रभावित होने के बाद लगभग सात घंटे तक विद्युत विभाग का कोई भी तकनीकी अमला मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे भीषण उमस के बीच लोगों को रातभर जागकर गुजारनी पड़ी।
ग्रामीणों के अनुसार, बिजली बाधित होने से कूलर, पंखे, बोरवेल और अन्य विद्युत उपकरण बंद हो गए। इसके कारण पेयजल संकट भी उत्पन्न हो गया, क्योंकि गांव में अधिकांश लोग निजी बोरवेल और हैंडपंप पर निर्भर हैं। मोबाइल फोन भी डिस्चार्ज हो जाने से लोगों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि लाइनमैन सहित संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकांश फोन रिसीव नहीं हुए। शिकायत हेल्पलाइन 1912 तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई गई, इसके बावजूद सुबह तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी देखी गई।
ग्रामीणों ने बताया कि सलिहाभांठा पूर्व सांसद स्वर्गीय डॉ. बंशीलाल महतो का गृह ग्राम है, लेकिन इसके बावजूद यहां लंबे समय से बिजली आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। उनका आरोप है कि तुमान फीडर में आए दिन ब्रेकडाउन, 11 केवी और 33 केवी लाइन में फॉल्ट, तार टूटने तथा अन्य तकनीकी कारणों से बिजली आपूर्ति बाधित होती रहती है।
भैसमा फीडर से जोड़ने की मांग
ग्रामीणों ने सलिहाभांठा की विद्युत लाइन को भैसमा फीडर से जोड़ने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि इससे नियमित और बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। ग्रामीणों के अनुसार इस संबंध में पहले भी कई बार मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बिजली बिल समय पर, सेवा नहीं मिलने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत वितरण कंपनी समय पर बिजली बिल वसूलती है, लेकिन उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि नियमित बिल भुगतान के बावजूद बार-बार होने वाली बिजली कटौती और तकनीकी खराबियों से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने विद्युत व्यवस्था में सुधार, रात्रिकालीन शिकायतों के त्वरित निराकरण तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग शासन-प्रशासन से की है।




