समाप्त हुआ साल का अंतिम सूर्य ग्रहण: शाम तक मंदिरों के कपाट रहे बंद, ग्रहण के बाद मंदिरों में गंगाजल छिड़क कर किया गया शुद्धिकरण

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  • The Doors Of The Temples Remained Closed Till The Evening, After The Eclipse, Purification Was Done By Sprinkling Gangajal In The Temples.

अशोकनगर42 मिनट पहले

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इस साल का आखरी सूर्यग्रहण दीपावली के दूसरे दिन पड़ा है। यह सूर्य ग्रहण 2 घंटे से अधिक समय तक दिखाई दिया। इस दौरान लोगों ने जगह-जगह खुले स्थानों पर जाकर सूर्य ग्रहण देखा। 2 घंटे के दौरान सूर्य का काफी हिस्सा ढक चुका था। वहीं सूर्यास्त के समय सबसे अधिक ग्रहण का असर देखा गया।

सुबह के समय से ही सूतक लगने की वजह से सभी मंदिरों के कपाट बंद थे, सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे। तत्पश्चात कई मंदिरों में गंगाजल छिड़क कर मंदिरों का शुद्धिकरण किया जाता है। वहीं देर रात तक मंदिरों में पूजा पाठ की जाएगी।

इस दौरान कई स्थानों पर अलग-अलग मान्यताओं के अनुसार मंदिरों के बाहर भजन कीर्तन भी किए गए। मान्यता के अनुसार भजन कीर्तन करने से सूर्य देव को शक्ति प्राप्त होती है। पंडित किशन लाल मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को सूतक काल प्रातः 4:43 से प्रारंभ हो चुका है। ग्रहण का स्पर्श काल दिन के 4 बजे लेकर 43 मिनट से मोक्ष काल शाम 6 बजे के 41 मिनट बाद होगा।

ज्योतिष के अनुसार 6:45 बजे जो सूर्य ग्रहण मोक्ष होगा, तो इसका सूतक काल संपूर्ण रात्रि रहेगा। इसीलिए बुधवार को मंदिरों के पट खोल सकेंगे, तभी देव दर्शन का लाभ प्राप्त हुआ।

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