रायपुर में साइबर जागृति अभियान: 1800 छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी से बचाव की दी गई जानकारी

रायपुर, 18 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से आम नागरिकों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के नॉर्थ जोन में विभिन्न स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में करीब 1800 छात्र-छात्राओं और उपस्थित लोगों को साइबर अपराध के नए तरीकों, डिजिटल सुरक्षा और ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों की निगरानी पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन आदित्य पांडे ने की। कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
पंडरी थाना क्षेत्र के St. Pallotti College, कांपा में करीब 200 छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई। वहीं गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के विकास नगर स्थित न्यू टेक पब्लिक स्कूल में कक्षा 11वीं और 12वीं के लगभग 200 विद्यार्थियों एवं स्कूल स्टाफ को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए गए। विद्यार्थियों को अपने परिजनों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
खम्हारडीह थाना क्षेत्र के शासकीय स्कूल में करीब 200 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी गई। इसी तरह उरला थाना क्षेत्र के ईश्वर पब्लिक स्कूल, बिरगांव में लगभग 1000 छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित लोगों की सहभागिता में बड़ा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां साइबर अपराध से बचाव के साथ यातायात जागरूकता और नए आपराधिक कानूनों से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
BTI ग्राउंड, शंकर नगर स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक अभ्यास शाला में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 200 बच्चों से संवाद किया गया। इस दौरान “संवाद से समाधान” के तहत गुड टच-बैड टच सहित साइबर अपराध से बचाव और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रमों में पुलिस ने विद्यार्थियों को संदिग्ध लिंक और मैसेज पर क्लिक नहीं करने तथा अनजान APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करने की समझाइश दी। साथ ही OTP, PIN, CVV और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। फर्जी KYC, बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, ऑनलाइन निवेश के नाम पर फ्रॉड और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी से सतर्क रहने के लिए भी जागरूक किया गया।
पुलिस ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने घर जाकर माता-पिता और अन्य परिजनों को भी साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दें। इसके साथ ही रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सोशल मीडिया पेज को फॉलो करने और QR कोड स्कैन कर साइबर जागरूकता अभियान से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
पुलिस ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो वह बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने और आगे की कार्रवाई में मदद मिल सकती है। साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए रायपुर पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।





