भारत-रूस संबंध अब उद्योग की ओर बढ़ने को तैयार: पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 11 सितम्बर । केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और रूस के बीच दशकों पुराने भरोसे और मजबूत राजनीतिक रिश्तों को अब ठोस आर्थिक परिणामों, औद्योगिक साझेदारी और निवेश सहयोग में बदलने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अब प्रोटोकॉल से उत्पादन और इरादे से उद्योग” की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। पीयूष गोयल ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित इनोप्रोम 2026 के तहत इंडिया-रूस बिजनेस डायलॉग के समापन सत्र रूस-भारत व्यापार और औद्योगिक साझेदारी को मजबूत बनाना: अधिक आत्मनिर्भरता की ओर को संबोधित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि भारत बड़े पैमाने पर विनिर्माण क्षमता, तेजी से बढ़ते औद्योगिक आधार और नवाचार के लिए तैयार युवा आबादी के साथ रूस का मजबूत साझेदार बन सकता है। वहीं रूस के पास एयरोस्पेस, धातुकर्म, परमाणु प्रौद्योगिकी और खनन जैसे क्षेत्रों में दशकों का इंजीनियरिंग अनुभव है। इन दोनों ताकतों के मिलने से केवल व्यापार नहीं, बल्कि दोनों अर्थव्यवस्थाओं की मजबूती भी बढ़ेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और रूस के बीच सहयोग को ऊर्जा क्षेत्र से आगे बढ़ाकर दवा, इंजीनियरिंग उत्पाद, रसायन, वस्त्र और खाद्य उत्पादों जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन के लिए भारतीय निर्यात में विविधता लाना साझा लक्ष्य हासिल करने का अहम माध्यम होगा।




