Chhattisgarh

प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली शांति बाई की जिंदगी, कच्चे मकान से पक्के घर तक पहुंची सुरक्षित जीवन की राह

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 23 सितम्बर। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत ग्राम पंचायत धनौली की रहने वाली शांति बाई को पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। कभी कच्चे मकान में बारिश के दौरान घर की सुरक्षा को लेकर चिंता में रहने वाली शांति बाई अब अपने पक्के और सुरक्षित घर में परिवार के साथ सुकून से जीवन बिता रही हैं। आवास के साथ उन्हें विधवा पेंशन का लाभ भी मिल रहा है, जिससे उन्हें नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है।

गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत धनौली निवासी शांति बाई के लिए पक्का घर सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत साबित हुआ है। पहले उनका परिवार मिट्टी के कच्चे मकान में रहता था। बारिश के मौसम में घर की छत और दीवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। घर के आसपास पानी और कीचड़ जमा होने से रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित होती थी।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत पात्रता के आधार पर शांति बाई के परिवार को पक्का आवास मिला। मजबूत दीवारों और सुरक्षित छत वाले इस घर ने उनके परिवार को मौसम संबंधी परेशानियों से काफी राहत दी है। अब बारिश के दौरान उन्हें पहले जैसी चिंता नहीं रहती और परिवार खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करता है।

शांति बाई बताती हैं कि कच्चे मकान में रहने के दौरान बारिश शुरू होते ही घर की चिंता सताने लगती थी। कई बार पानी और कीचड़ के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित होते थे। पक्का मकान मिलने के बाद यह स्थिति बदल गई है। अब परिवार सुरक्षित छत के नीचे आराम से रह रहा है और मौसम की परेशानी पहले की तुलना में काफी कम हो गई है।

आवास योजना के साथ शांति बाई को विधवा पेंशन का लाभ भी मिल रहा है। नियमित पेंशन से उन्हें घरेलू जरूरतों और जरूरी खर्चों में आर्थिक सहायता मिलती है। उनके लिए पक्का आवास और सामाजिक सुरक्षा की यह सहायता जीवन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का आवास उपलब्ध कराना है। शांति बाई की कहानी इसी योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों तक आवासीय सुरक्षा पहुंचने की एक मिसाल है। उनके जीवन में आया बदलाव यह दर्शाता है कि सुरक्षित आवास के साथ सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं परिवारों के जीवन में स्थायित्व और भरोसा बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जरूरतमंद परिवारों तक उनका लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

शांति बाई का कहना है कि पक्का घर मिलने से उनके परिवार को सुरक्षा और सुविधा मिली है। वहीं विधवा पेंशन से मिलने वाली आर्थिक सहायता घरेलू जरूरतों में मददगार साबित हो रही है। वह आवास और पेंशन का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।

शांति बाई की कहानी बताती है कि किसी ग्रामीण परिवार के लिए पक्का घर केवल एक भवन नहीं होता, बल्कि वह सुरक्षा, सुविधा और सम्मान का आधार भी बनता है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से मिला पक्का आशियाना और विधवा पेंशन से मिली आर्थिक सहायता उनके जीवन में नई उम्मीद और स्थिरता लेकर आई है।

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