मंडी टैक्स कम करने की मांग: शुरू हुई कपास व्यापारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, आगामी सूचना तक बंद रहेगी कपास मंडी

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खरगोनएक घंटा पहले
खरगोन की कपास मंडी मंगलवार से आगामी सूचना तक बंद रहेगी। मध्यांचल कॉटन जिनर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के मंडी टेक्स कम करने की मांग को लेकर कपास व्यापारियों के द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरु कर दी गई है।
मंडी व्यापारी संघ के अध्यक्ष मनजीत सिंह चावला, संगठन के सचिव मन्नालाल जायसवाल ने बताया कि पिछले कई वर्षों से व्यापारी मंडी टैक्स कम करने की मांग कर रहे है, लेकिन प्रदेश सरकार महज आश्वासन ही दिया जा रहा है।
जबकि अन्य राज्यों में प्रदेश के मुकाबले मंडी टैक्स कम है। जिसके कारण प्रदेश का कपास व्यापार प्रभावित हो रहा है। इस जायज मांग को मनवाने के लिए व्यापारियों ने 3 अक्टूबर को भी सांकेतिक हड़ताल की थी। अब व्यापारियों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
तीन वर्ष से लगातार कर रहे मांग
कपास व्यापारी नरेंद्र गांधी ने बताया कि संगठन और व्यापारियों द्वारा पिछले तीन वर्षों से मंडी शुल्क कम करने की मांग कर रहे है। उन्होंने बताया कि मंडी शुल्क कम होने से किसानों को अधिक लाभ होगा। कपास व्यापारियों ने बताया कि अन्य प्रांतों की तरह प्रदेश में भी मंडी शुल्क कम हो। व्यापारियों द्वारा मंडी शुल्क में एक रुपता लाने के लिए यह प्रयास किए जा रहे है।
8 हजार रुपये का कपास क्रय करने पर व्यापारी को देना पड़ता है 160 रुपये मंडी शुल्क
कपास व्यापारी गांधी और जायसवाल ने बताया कि कपास व्यापारी को 8 हजार रुपये का कपास क्रय करने पर 160 रुपये मंडी शुल्क देना पड़ता है। यदि सरकार द्वारा मंडी शुल्क कम कर दिया जाए तो इसका सीधा लाभ किसानों को होगा।
व्यापारियों ने बताया कि प्रदेश में 1.5 पैसे मंडी शुल्क है। जबकि अन्य राज्यों में मंडी शुल्क 50 पैसे है। इसमें एक रुपता होनी चाहिए। शासन द्वारा जब तक मांग नहीं मानी जाती है। तब तक कपास व्यापारियों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इससे किसानों को भी नुकसान होगा।
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