धमतरी पुलिस की अपराध समीक्षा बैठक: लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के निर्देश, CCTNS कार्यों की भी समीक्षा

धमतरी, 16 अक्टूबर। जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से धमतरी पुलिस ने अपराध समीक्षा बैठकों का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में 15 अक्टूबर 2026 को कुरूद और धमतरी नगर अनुविभाग स्तर पर आयोजित बैठकों में लंबित अपराधों, विवेचना की गुणवत्ता, अपराध निकाल और सीसीटीएनएस (CCTNS) से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देव चरण पटेल ने विवेचकों और थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कुरूद थाना परिसर में आयोजित अनुविभाग स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देव चरण पटेल ने विभिन्न थानों और चौकियों में दर्ज अपराधों की स्थिति की जानकारी ली। बैठक में एसडीओपी कुरूद रागिनी मिश्रा की उपस्थिति में लंबित प्रकरणों के निराकरण, अपराध निकाल की प्रगति और सीसीटीएनएस के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
इस दौरान थाना प्रभारी कुरूद निरीक्षक कमलेश ठाकुर, थाना प्रभारी मगरलोड निरीक्षक प्रमोद अमलतास, चौकी प्रभारी बिरेझर निरीक्षक समीर तिवारी और चौकी प्रभारी करेली बड़ी सहायक उपनिरीक्षक राधेश्याम बंजारे सहित संबंधित थानों एवं चौकियों के विवेचक और सीसीटीएनएस ऑपरेटर उपस्थित रहे।
इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में धमतरी नगर अनुविभाग की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देव चरण पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक भानुप्रताप चंद्राकर ने थाना कोतवाली, अर्जुनी और भखारा के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में थाना प्रभारी कोतवाली राजेश जगत, थाना प्रभारी अर्जुनी शरद ताम्रकार और थाना प्रभारी भखारा अरुण साहू सहित सभी संबंधित विवेचक एवं सीसीटीएनएस ऑपरेटर मौजूद रहे।
बैठकों में अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित अपराधों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। प्रत्येक मामले में उपलब्ध साक्ष्यों का विधिसम्मत संकलन, तथ्यों का बारीकी से परीक्षण और निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित की जाए। विवेचकों को अपने पास लंबित मामलों की अद्यतन जानकारी रखने और जांच में आने वाली बाधाओं को दूर कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों की नियमित निगरानी करने और अपराधों की जांच में अनावश्यक देरी नहीं होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधों के त्वरित निराकरण के साथ विवेचना की गुणवत्ता बनाए रखना भी आवश्यक है, ताकि मामलों में प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अपराध समीक्षा बैठकों में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने सीसीटीएनएस ऑपरेटरों को अपराधों से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियों और अभिलेखों की प्रविष्टि सही, पूर्ण और निर्धारित समय-सीमा में करने के निर्देश दिए। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट करने और तकनीकी कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीएनएस में दर्ज जानकारियों की शुद्धता और समयबद्ध अद्यतन से अपराधों की निगरानी, जांच और पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इसके लिए थाना प्रभारियों, विवेचकों और तकनीकी कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
धमतरी पुलिस के अनुसार, अपराध समीक्षा बैठकों का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण, विवेचना की गुणवत्ता में सुधार और तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। पुलिस प्रशासन लगातार ऐसी समीक्षा बैठकों के माध्यम से कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में प्रयास कर रहा है, ताकि आम नागरिकों को बेहतर और समयबद्ध पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।




