जेएसडब्ल्यू प्लांट के भूविस्थापितों की मासिक बैठक संपन्न, स्वास्थ्य बीमा, आजीवन पेंशन और मेडिकल वैन सहित कई मांगों पर हुई चर्चा

जांजगीर-चांपा। जेएसडब्ल्यू पावर प्लांट से प्रभावित आठ भूविस्थापित गांवों के प्रतिनिधियों की मासिक बैठक रविवार को नगर पंचायत नरियरा स्थित प्राचीन भगत कुआं मंदिर परिसर में आयोजित की गई। तेज और मूसलाधार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में भूविस्थापित परिवारों के प्रतिनिधि और समिति के पदाधिकारी बैठक में शामिल हुए। बैठक में भूविस्थापितों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और प्लांट प्रबंधन के साथ आगे की रणनीति पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में नरियरा, अमोरा, नवापारा, तरोद, मुरलीडीह, रोगदा, लटिया और पकरिया सहित जेएसडब्ल्यू प्लांट के सभी आठ प्रभावित गांवों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समिति ने भूविस्थापित परिवारों के लिए पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराने, पेंशनधारियों के बच्चों को प्लांट द्वारा संचालित अथवा मान्यता प्राप्त स्कूलों में प्रवेश दिलाने, आजीवन पेंशन व्यवस्था लागू करने, पेंशनधारकों के नॉमिनी परिवर्तन की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा पति-पत्नी दोनों के अलग-अलग पात्र होने पर उन्हें पृथक-पृथक पेंशन देने जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मेडिकल वैन की सेवा दोबारा शुरू करने की मांग भी बैठक में प्रमुखता से रखी गई। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि इन मुद्दों के समाधान के लिए प्लांट प्रबंधन के साथ लगातार कई दौर की बातचीत चल रही है और सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।
बैठक में यह भी कहा गया कि जेएसडब्ल्यू प्लांट प्रबंधन समिति की मांगों के समाधान के लिए सार्थक पहल कर रहा है। नए प्रबंधन से भी अपेक्षा जताई गई कि वह भूविस्थापितों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न लंबित मामलों में शीघ्र उचित कार्रवाई करेगा। समिति का मानना है कि यदि मांगों का समाधान होता है तो भूविस्थापित किसान भविष्य में भी प्लांट के विकास और संचालन में सकारात्मक सहयोग देते रहेंगे।
समिति ने जानकारी दी कि भूविस्थापित जीवन निर्वाह भत्ता समिति की मासिक बैठक प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को आयोजित की जाती है। आगामी बैठक अगस्त माह के प्रथम रविवार को आयोजित होगी, जिसमें जेएसडब्ल्यू प्लांट प्रबंधन के अधिकारियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए समिति ने सभी भूविस्थापित परिवारों से अधिक से अधिक संख्या में बैठक में शामिल होकर अपनी समस्याएं और सुझाव रखने की अपील की है।




