जीवाजी राव छात्रावास पर बुलडोजर एक्शन: 4 लाख वर्गफीट जमीन अधिपत्य में लेने की प्रक्रिया; 40 बच्चे दूसरे हॉस्टल शिफ्ट

भोपाल/नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच शहर के बीचों-बीच स्थित ऐतिहासिक जीवाजी राव छात्रावास और उससे जुड़ी करीब चार लाख वर्गफीट बेशकीमती भूमि को लेकर शनिवार को जिला प्रशासन और नगर पालिका ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासनिक अमला, नगर पालिका की टीम और कई जेसीबी मशीनें मौके पर पहुंचीं। किसी भी संभावित विरोध को निपटाने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
कार्रवाई के दौरान जीवाजी राव छात्रावास में रह रहे करीब 40 बच्चों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें नीमच के अन्य शासकीय छात्रावासों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बच्चे यहाँ काफी बदतर और असुरक्षित परिस्थितियों में रहने को मजबूर थे, इसलिए उनकी बेहतरी के लिए उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजा जा रहा है।
गौरतलब है कि जीवाजी राव छात्रावास की इस ज़मीन को लेकर कालिदास शिक्षण समिति और नगर पालिका के बीच वर्ष 1955 से कानूनी जंग चल रही थी। रिकॉर्ड के अनुसार 1955 में नगर पालिका ने समिति को भूमि दी थी, लेकिन लीज डीड और पंजीकृत हस्तांतरण को लेकर लंबे समय से खींचतान जारी थी। मामले पर एसडीएम पराग जैन ने बताया कि न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के पालन में नगर पालिका द्वारा इस भूमि को खाली कराकर अपने अधिपत्य में लिया जा रहा है।
शहर के बिल्कुल केंद्र में स्थित 4 लाख वर्गफीट की इतनी विशाल भूमि नगर पालिका के पास आने के बाद इसके भावी उपयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अगर कानूनी प्रक्रिया पूरी होती है, तो आने वाले दिनों में यहाँ बड़ा खेल मैदान, मल्टी-लेवल पार्किंग या अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। हालांकि, अंतिम फैसला नगर पालिका और सक्षम प्राधिकारियों के दस्तावेजी निर्णय पर निर्भर करेगा।




