जांजगीर-चांपा में डिजिटल फसल सर्वे पर उठे सवाल, पटवारी संघ ने SDM को सौंपा ज्ञापन, हड़ताल से राजस्व कार्य प्रभावित

जांजगीर-चांपा, 23 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) और PV ऐप के माध्यम से की जा रही फसल प्रविष्टि एवं भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। राजस्व पटवारी संघ ने सर्वे में तकनीकी खामियों और गलत फसल प्रविष्टियों की आशंका जताते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को पटवारी संघ ने रैली निकालकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। वहीं, पटवारियों की जारी हड़ताल के कारण जिले में राजस्व विभाग के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।
राजस्व पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान दर्ज की जा रही जानकारी और खेतों की वास्तविक स्थिति में अंतर होने की आशंका बनी हुई है। संघ का कहना है कि तकनीकी समस्याओं के कारण कुछ स्थानों पर फसल लगी जमीन को पड़त और पड़त जमीन को फसल वाली भूमि के रूप में दर्ज किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में किसानों को भविष्य में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
संघ ने आशंका जताई है कि फसल संबंधी गलत जानकारी दर्ज होने से किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने, फसल बीमा का लाभ लेने, प्राकृतिक आपदा के दौरान मुआवजा प्राप्त करने और अन्य सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ उठाने में दिक्कत हो सकती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
पटवारी संघ ने DCS और PV ऐप में डेटा अपलोड करने, तकनीकी त्रुटियों को दूर करने और गलत प्रविष्टियों में संशोधन की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की है। संघ के अनुसार, डिजिटल सर्वे व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण देना और जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण करना आवश्यक है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2023 के नक्शों के आधार पर सर्वे किए जाने से खेतों की वर्तमान स्थिति और दर्ज रिकॉर्ड में अंतर हो सकता है। ऐसे में वास्तविक स्थिति का सही सत्यापन सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पटवारी संघ ने मांग की है कि किसानों को अपने खाते में दर्ज फसल संबंधी जानकारी देखने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही गलत प्रविष्टि पाए जाने पर उसमें सुधार कराने की सरल और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
इधर, पटवारियों की हड़ताल जारी रहने से राजस्व विभाग से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संघ ने मुख्यमंत्री, कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों से डिजिटल फसल सर्वे की तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है, ताकि फसल रिकॉर्ड में संभावित गड़बड़ियों को रोका जा सके और किसानों के हित सुरक्षित रह सकें।




