जांजगीर-चांपा जिला अस्पताल में महिला की मौत पर हंगामा, गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप; तहसीलदार की मौजूदगी में होगा पोस्टमार्टम

जांजगीर-चांपा, 28 सितम्बर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिला अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत को लेकर परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में स्टॉफ नर्स द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद महिला की हालत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही नवजात बच्चे की परवरिश के लिए आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग भी की गई है।
जानकारी के अनुसार, सारा गांव थाना क्षेत्र के अफरीद गांव निवासी गर्भवती महिला को प्रसव के लिए 24 सितंबर को जांजगीर-चांपा जिला अस्पताल लाया गया था। 25 सितंबर को महिला की सामान्य (नॉर्मल) डिलीवरी हुई। डिलीवरी के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ और 27 सितंबर की रात महिला की मौत हो गई।

महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्टॉफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि महिला को एक स्टॉफ नर्स ने गलत इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसकी हालत और खराब हो गई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि महिला की मौत के बाद उन्हें बिना पोस्टमार्टम शव घर ले जाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इसे लेकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। परिजनों ने दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ नवजात बच्चे के भविष्य और पालन-पोषण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी।
मामले में परिजनों के विरोध के बाद कोतवाली पुलिस ने हस्तक्षेप किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अब तहसीलदार की उपस्थिति में महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारण तथा इलाज के दौरान किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, इसकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




