जहरीली शराब की आशंका पर छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग अलर्ट, पूरे प्रदेश में 24 घंटे सघन जांच अभियान शुरू

रायपुर, 9 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों और गंभीर घटनाओं के बाद छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। प्रदेश में अवैध एवं जहरीली शराब के निर्माण, तस्करी, भंडारण और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने राज्यव्यापी सघन जांच अभियान शुरू किया है। आबकारी आयुक्त पदुम सिंह एल्मा ने सभी मैदानी अधिकारियों और उड़नदस्ता टीमों को अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
यह निर्णय 9 सितंबर 2026 को सचिव, वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। विभाग का उद्देश्य प्रदेश में किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अभियान के तहत प्रदेश के रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड, हवाई अड्डों और अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों में 24 घंटे सघन जांच और निगरानी की जा रही है। दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों की जांच कर अवैध शराब की तस्करी पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध वाहनों और ठिकानों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
हर जिले में आबकारी उड़नदस्ते के अलावा विशेष जांच दलों का गठन किया गया है। ये टीमें अवैध और जहरीली शराब के निर्माण तथा कारोबार से जुड़े लोगों पर निगरानी रखेंगी। वनांचलों, नदी-नालों और अन्य संदिग्ध क्षेत्रों में अवैध कच्ची शराब के निर्माण के खिलाफ सर्च अभियान भी चलाया जा रहा है।
मदिरा दुकानों, होटल, ढाबों और संदिग्ध अहातों की भी जांच तेज कर दी गई है। देशी और विदेशी मदिरा दुकानों में नॉन-ड्यूटी पेड (NDP), लीकेज और मिलावटी शराब की औचक जांच की जा रही है। वहीं, अवैध अहातों और अन्य संदिग्ध स्थानों पर दबिश देकर शराब की जब्ती और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आबकारी विभाग ने अवैध स्पिरिट के कारोबार को भी अभियान के केंद्र में रखा है। अवैध शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली स्पिरिट के स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क का पता लगाकर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का लक्ष्य केवल अवैध शराब पकड़ना ही नहीं, बल्कि इसके पूरे नेटवर्क और आपूर्ति स्रोत तक पहुंचना है।
अवैध शराब से संबंधित शिकायतों और सूचनाओं पर भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के टोल-फ्री नंबर 14405, ‘मनपसंद ऐप’, समाचार पत्रों और आम नागरिकों से मिलने वाली सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेशभर में चल रही कार्रवाई की प्रतिदिन मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तरीय उड़नदस्ता के प्रभारी अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी सभी जिलों और संभागों से कार्रवाई की जानकारी लेकर प्रतिदिन दोपहर 12 बजे तक समेकित रिपोर्ट आबकारी आयुक्त को प्रस्तुत करेंगे।
आबकारी आयुक्त पदुम सिंह एल्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण या बिक्री की जानकारी तत्काल टोल-फ्री नंबर 14405 अथवा ‘मनपसंद ऐप’ के माध्यम से विभाग को दें। साथ ही नागरिकों से केवल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित एवं अधिकृत मदिरा दुकानों से ही शराब खरीदने की अपील की गई है।




