छत्तीसगढ़ में शहरी विकास और निवेश को मिलेगा बढ़ावा, 21 अक्टूबर को अर्बन चैलेंज फंड पर कार्यशाला

रायपुर, 18 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में शहरी विकास, अधोसंरचना विस्तार और निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 21 अक्टूबर को नवा रायपुर में अर्बन चैलेंज फंड (UCF) पर क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हुडको) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में शहरी विकास की भावी रणनीति, वित्तीय प्रबंधन और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे।
कार्यशाला में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में होने वाले इस आयोजन में नीति-निर्माता, शहरी विकास विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शहरों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, विकास परियोजनाओं के लिए निवेश आकर्षित करने और नगरीय निकायों की वित्तीय क्षमता बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श करना है।
कार्यशाला में अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो के विभिन्न पहलुओं पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। इसके तहत नगरीय अधोसंरचना परियोजनाओं के बेहतर वित्तीय प्रबंधन, नवाचार आधारित विकास मॉडल, निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने और शहरों के सुनियोजित विस्तार जैसे विषयों पर विचार साझा किए जाएंगे। इन पहलों के माध्यम से शहरी निकायों को विकास परियोजनाओं की योजना बनाने और उनके क्रियान्वयन के लिए नए वित्तीय अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ कार्यशाला में उद्घाटन संबोधन देंगे। वहीं, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम में शहरी विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विशेषज्ञों के विचार सामने आएंगे।
यह क्षेत्रीय कार्यशाला छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक, सक्षम और निवेशोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके माध्यम से शहरी अधोसंरचना के विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और सतत एवं समावेशी शहरी विकास के लिए नई संभावनाओं पर मंथन किया जाएगा। साथ ही, प्रदेश के शहरों के दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तैयार करने में भी इस कार्यशाला से मदद मिलने की उम्मीद है।




