कोरबा रामलीला के दूसरे दिन ‘हनुमान अंश’ के नायक शोभिनव सत्य रहे मुख्य आकर्षण, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने किया शुभारंभ

कोरबा, 16 अक्टूबर 2026। नगर पालिक निगम कोरबा की ओर से घंटाघर स्थित ओपन थिएटर मैदान में आयोजित छह दिवसीय रामलीला के दूसरे दिन शुक्रवार को फिल्म ‘हनुमान अंश’ के नायक शोभिनव सत्य प्रमुख आकर्षण रहे। उन्होंने मंच से श्रद्धालुओं और उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए प्रेम, सेवा, मानवता और भगवान श्रीराम के नाम के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने भगवान श्रीरामलला की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर और पूजा-अर्चना के साथ किया।
इस अवसर पर महापौर संजूदेवी राजपूत, नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, जुड़ावन सिंह ठाकुर, चंद्रकिशोर श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, डॉ. राजीव सिंह सहित मेयर इन काउंसिल के सदस्य, पार्षद और एल्डरमेन उपस्थित रहे।
फिल्म ‘हनुमान अंश’ में बाबा नीब करौरी की भूमिका निभाने वाले शोभिनव सत्य ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान श्रीसीताराम के स्मरण के साथ की। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में जो कुछ भी अच्छा हुआ है, उसका श्रेय भगवान हनुमान और बाबा नीब करौरी के आशीर्वाद को जाता है। उन्होंने बाबा नीब करौरी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी से प्रेम करना और उनकी सेवा करना, भूखे को भोजन कराना तथा भगवान राम का नाम लेना जीवन के महत्वपूर्ण संदेश हैं।
शोभिनव सत्य ने कहा कि यदि इन शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाया जाए तो समाज में व्याप्त अनेक बुराइयों को दूर किया जा सकता है। उन्होंने उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर संजूदेवी राजपूत और निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि कोरबा आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। यहां मां सर्वमंगला के दर्शन करने का अवसर भी उन्हें मिला। उन्होंने वर्ष में कम से कम एक बार कोरबा आने का प्रयास करने की बात कही।
उन्होंने फिल्म ‘हनुमान अंश’ की लोकप्रियता का श्रेय भगवान हनुमान के आशीर्वाद और दर्शकों के प्रेम को देते हुए लोगों से फिल्म देखने तथा बाबा नीब करौरी की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने की अपील की।
रामलीला के दूसरे दिन पुष्पवाटिका, धनुष यज्ञ, लक्ष्मण-परशुराम संवाद, राजतिलक तथा मंथरा-कैकेयी संवाद सहित विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। इन प्रस्तुतियों ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को जीवंत किया।
नगर निगम की ओर से आयोजित रामलीला का समापन 20 अक्टूबर को रावण दहन और मधुर संगीत कार्यक्रम के साथ होगा। 17 अक्टूबर को राम वनगमन, केवट प्रसंग, दशरथ के देवलोक गमन और भरत मिलाप का मंचन किया जाएगा। 18 अक्टूबर को पंचवटी, सीता हरण, राम-हनुमान मिलन, राम-सुग्रीव मैत्री, बाली वध और लंका दहन के प्रसंग प्रस्तुत होंगे। 19 अक्टूबर को सेतु बंध, अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद वध, रावण वध और राज्याभिषेक से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।




