Chhattisgarh

कोरबा पुलिस का बड़ा कदम: “पुलिस व्यवहार प्रशिक्षण कार्यक्रम” से संवेदनशील और स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर

कोरबा, 2 मई 2026। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील, जनहितैषी और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए रक्षित केंद्र कोरबा में आज शनिवार को “पुलिस व्यवहार प्रशिक्षण कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर व्यवहार, कानूनसम्मत कार्यप्रणाली और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने प्रशिक्षण का संचालन किया। कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी, नगर पुलिस अधीक्षक दर्री विमल कुमार पाठक, पुलिस अनुभागीय अधिकारी कटघोरा विजय सिंह राजपूत, प्रशिक्षु डीएसपी आस्था शर्मा सहित जिले के सभी थाना प्रभारी और विभिन्न थाना-चौकियों से आए अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों को यह बताया गया कि थाने में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी समस्या, भय या पीड़ा से जूझ रहा होता है और वह पुलिस से न्याय और सहायता की उम्मीद लेकर आता है। ऐसे में पुलिस का व्यवहार ही विभाग की छवि को निर्धारित करता है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि हर फरियादी के साथ सम्मानजनक, शालीन और संवेदनशील व्यवहार करें।

कार्यक्रम में “पुलिस सेवक है, मालिक नहीं” की भावना के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि अच्छा व्यवहार न केवल पुलिस की छवि को मजबूत करता है बल्कि अपराध नियंत्रण में भी सहायक होता है। जब जनता का विश्वास पुलिस पर बढ़ता है, तो लोग निर्भीक होकर जानकारी साझा करते हैं और जांच में सहयोग करते हैं।

प्रशिक्षण के दौरान वीडियो के माध्यम से अच्छे और बुरे पुलिस व्यवहार के उदाहरण दिखाए गए। साथ ही कुव्यवहार के कानूनी परिणामों और विभागीय कार्रवाई की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि अभद्र भाषा, शक्ति का दुरुपयोग या अनावश्यक दबाव न केवल गलत है बल्कि इसके गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं।

इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को संविधान के अनुच्छेद 21, BNSS 2023, BNS 2023, SC/ST Act 1989, मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों और DK Basu Guidelines के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। गिरफ्तारी की प्रक्रिया, महिला एवं कमजोर वर्गों के अधिकारों और कानून के दायरे में रहकर पुलिसिंग करने पर विशेष जोर दिया गया।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि थानों में आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए, शिकायतकर्ता की बात धैर्यपूर्वक सुनी जाए, FIR दर्ज करने से मना न किया जाए और सभी शिकायतों को विधिवत GD में दर्ज किया जाए। साथ ही शिकायतकर्ताओं को समय पर कार्रवाई की जानकारी देना भी सुनिश्चित किया जाए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक और स्मार्ट पुलिसिंग को लेकर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि आज के दौर में Artificial Intelligence, डिजिटल निगरानी, डेटा विश्लेषण और आईटी आधारित सिस्टम अपराध नियंत्रण और साइबर जांच में अहम भूमिका निभा रहे हैं। पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तेज बनाने के लिए इन तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

सोशल मीडिया के प्रभाव, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन और तकनीक के माध्यम से बेहतर जनसंपर्क स्थापित करने के तरीकों पर भी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने “कोरबा पुलिस व्यवहार संकल्प” लेते हुए हर नागरिक के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करने, कानून का पालन करने और छत्तीसगढ़ पुलिस के आदर्श वाक्य “परित्राणाय साधूनाम्” को अपने कार्य में उतारने का संकल्प लिया।

कोरबा पुलिस द्वारा इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से संवेदनशील पुलिसिंग, जनविश्वास और आधुनिक तकनीक आधारित कार्यप्रणाली को लगातार मजबूत किया जा रहा है, जिससे आम जनता को बेहतर और भरोसेमंद पुलिस सेवा मिल सके।

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