हारने के लिए बदनाम ना हो जाए पाकिस्तान? सीनियर्स के बाद U-19 क्रिकेट टीम का भी निकला दिवाला

नई दिल्ली, 06 सितंबर : पाकिस्तान क्रिकेट टीम को लेकर आप भी यही सवाल करेंगे. उनकी सीनियर टीम हो या जूनियर, सबका एक ही जैसा हाल है. चाहे वो जिस फॉर्मेट में खेल रहे हों, झोली में उनकी हार ही आ रही है. अगर ऐसे ही चलता रहा तो फिर इस बात की भी संभावना बन सकती है कि पाकिस्तान टीम, वर्ल्ड क्रिकेट में कहीं हारने के लिए बदनाम ना हो जाए? एक भारतीय प्रोडक्ट के विज्ञापन की टैगलाइन भले ही ये कहती हो कि दाग अच्छे हैं. लेकिन, अगर पाकिस्तान क्रिकेट के दामन पर हारने वाली टीम होने का दाग लग गया तो फिर वो उसकी छवि को और ज्यादा खराब कर देगा.
दुबई से इंग्लैंड तक बस हार, हार और हार
जिस दिन दुबई में पाकिस्तान की महिला टीम एशिया कप में 55 रन के अपने सबसे छोटे स्कोर पर ऑल आउट हुई. भारत के हाथों 7 विकेट से शर्मनाक हार का सामना किया. ठीक उसी दिन उधर इंग्लैंड में उनकी अंडर 19 टीम भी इकलौता रेड बॉल मैच हार गई.
इंग्लैंड की अंडर 19 टीम से जीत के लिए मिले 262 रन के लक्ष्य को पाकिस्तान की अंडर 19 टीम भेद पाने में नाकाम रही. पाक अंडर 19 टीम के लड़के अपनी दूसरी और मैच की चौथी पारी में 251 रन पर ही ऑलआउट हो गए और मुकाबला 10 रन से गंवा बैठे. उनकी हार के साथ ही ये तय हो गया कि अपने सीनियर्स को फॉलो करने में वो तनिक भी पीछे नहीं हैं.
पाकिस्तान के सीनियर्स के नक्शेकदम पर जूनियर्स
सीनियर्स से मतलब पाकिस्तान की महिला और पुरुष, दोनों टीमों से है. दोनों का हाल बेहाल है. पाकिस्तान की महिला टीम को T20 एशिया कप में भारतीय लड़कियों ने बेचारी बना दिया. तो वहीं मेंस टीम टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड की सताई है.
इंग्लैंड के खिलाफ 3 टेस्ट की सीरीज में पाकिस्तान की मेंस टीम 0-2 से पहले ही पिछड़ चुके हैं. मतलब, सीरीज वो गंवा चुके हैं और अगर बची-खुची इज्जत को बचाना है तो क्लीन स्वीप के मंडराते खतरे को टालना होगा. लेकिन, जिस तरह से पाकिस्तानियों का मनोबल टूटा है, उनके लिए इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में भी जीत टेढ़ी ही नजर आ रही हैं.




