लोकतंत्र की हत्या कर रही साय सरकार : ढालेश साहू

जनपद पंचायत दुर्ग में 15वें वित्त आयोग की राशि केवल 34 ग्राम पंचायतों में बांटी गई, 39 पंचायतों के साथ भेदभाव का आरोप
दुर्ग / छत्तीसगढ़ नागरिक अधिकार रक्षा मंच सदस्य, व जनपद पंचायत दुर्ग सदस्य एवं किसान नेता ढालेश साहू ने जनपद पंचायत दुर्ग में 15वें वित्त आयोग की राशि के वितरण को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि केवल 34 ग्राम पंचायतों को राशि प्रदान कर 39 ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों से वंचित करना लोकतंत्र और पंचायत राज व्यवस्था की भावना के विपरीत है। उन्होंने इसे ग्रामीण क्षेत्रों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि साय सरकार के कार्यकाल में विकास योजनाओं का लाभ समान रूप से नहीं पहुंच रहा है।
ढालेश साहू ने कहा कि जनपद पंचायत दुर्ग क्षेत्र में कुल 73 ग्राम पंचायतें हैं, लेकिन 15वें वित्त आयोग की राशि केवल 34 ग्राम पंचायतों में वितरित की गई है। शेष 39 ग्राम पंचायतों को योजना से बाहर रखे जाने के कारण हजारों ग्रामीणों की विकास संबंधी अपेक्षाओं को आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास करना होता है, न कि चुनिंदा पंचायतों तक ही सीमित रखना।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय पंचायत राज व्यवस्था की मूल भावना के खिलाफ है। यदि एक ही जनपद क्षेत्र की आधे से अधिक ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों से वंचित कर दिया जाए, तो यह समान अवसर और न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पंचायत और प्रत्येक ग्रामीण को विकास का समान अधिकार है।
ढालेश साहू ने मांग की कि 39 वंचित ग्राम पंचायतों के लिए तत्काल अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किया जाए तथा सभी ग्राम पंचायतों को समान अवसर प्रदान करते हुए विकास कार्यों को स्वीकृति दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि वंचित ग्राम पंचायतों के साथ न्याय नहीं किया गया तो जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा और किसी भी पंचायत के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





