Chhattisgarh

रायपुर में नारी शक्ति का महा-हुंकार: भाजपा की ‘जन आक्रोश पदयात्रा’ में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री साय और विधायक अनुज शर्मा ने भरा जोश

  • तपती धूप में गूंजा ‘नारी शक्ति जिंदाबाद’ का नारा; सड़कों पर उतरा हजारों महिलाओं का स्वाभिमान

राजधानी रायपुर की सड़कें आज “नारी शक्ति जिंदाबाद” के नारों और मातृशक्ति के अदम्य उत्साह से गूंज उठीं। महिलाओं के सम्मान की रक्षा और विपक्ष द्वारा किए गए कथित अपमान के विरोध में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित ‘महिला जन आक्रोश पदयात्रा’ ने आज एक ऐतिहासिक आंदोलन का रूप ले लिया। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पदयात्रा में विशेष रूप से शिरकत कर नारी शक्ति के अधिकारों के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

दिग्गजों के नेतृत्व में ‘शक्ति’ का प्रदर्शन
तपती धूप और भीषण गर्मी की परवाह किए बिना हजारों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में हाथों में तख्तियां लिए सड़कों पर उतरीं। पदयात्रा का नेतृत्व मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उप-मुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक अनुज शर्मा ने किया। विधायक अनुज शर्मा के नेतृत्व में उनके क्षेत्र की हजारों महिलाओं ने इस पदयात्रा को एक विशाल स्वरूप प्रदान किया।
कांग्रेस की ‘वंशवाद की राजनीति’ पर विधायक अनुज शर्मा का प्रहार
मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक अनुज शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का पारित होना भारतीय लोकतंत्र के लिए एक मील का पत्थर है। कांग्रेस को डर है कि अगर गरीब की बेटी, एक आदिवासी महिला या गाँव की बहन संसद में पहुँच गई, तो उनकी ‘वंशवाद’ की दुकान बंद हो जाएगी। इसीलिए उन्होंने दशकों तक इस बिल को लटकाए रखा। “उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा, “यह 21वीं सदी का भारत है। यहाँ की नारी अब अपना अधिकार मांगती नहीं, छीनना जानती है। कांग्रेस की हर साजिश का जवाब हमारी माताएं-बहनें अपने वोट की ताकत से देंगी।”


10 साल बनाम 60 साल: सेवा और सम्मान का संकल्प


विधायक शर्मा ने मोदी और साय सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि भाजपा के 10 साल कांग्रेस के 60 सालों पर भारी हैं। उज्ज्वला योजना, मुद्रा योजना, इज्जत घर (शौचालय) और प्रदेश की महतारी वंदन योजना ने महिलाओं के जीवन को सुगम और गरिमामय बनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब दिल्ली की संसद हो या छत्तीसगढ़ की विधानसभा, हर जगह नारी शक्ति का परचम लहराएगा।


ऐतिहासिक उपस्थिति
यह “आक्रोश रैली” कांग्रेस के उस रवैये के खिलाफ एक शंखनाद है जिसने सालों तक महिलाओं को उनके हक से वंचित रखा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्रीगण, भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं प्रदेश भर से आईं हजारों की संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित रहीं, जिन्होंने यह संदेश दिया कि वे अपने स्वाभिमान के साथ अब कोई समझौता नहीं करेंगी

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