मूसलाधार बारिश से कोरबा तरबतर, निचले इलाकों में फिर भरा पानी

कोरबा। ऊर्जानगरी कोरबा और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर के निचले इलाकों सीतामढ़ी, अमरैयापारा, रविशंकर शुक्ल नगर, मुड़ापार सहित अन्य बस्तियों में एक बार फिर जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई। घरों में पानी घुसने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग अपने घरों से पानी निकालते नजर आए।
सुबह करीब 11 बजे अचानक मौसम ने करवट बदली। गरज-चमक के साथ आसमान में काली घटाएं छा गईं और तेज बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे से अधिक समय तक हुई मूसलाधार बारिश से शहर पूरी तरह तरबतर हो गया। निचले इलाकों के साथ ही कई प्रमुख सड़कों पर भी पानी भर गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
गौरतलब है कि जिले में 6 अगस्त से बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। सावन के पहले सप्ताह से शुरू हुई बारिश के बाद ऐसा कोई दिन नहीं रहा, जब कोरबा शहर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई हो। भादो के पहले दिन भी मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाया। लगातार बारिश का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी के काम पर भी पड़ रहा है।
खेतों में अत्यधिक पानी भर जाने से किसान रोपा लगाने का काम ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। वहीं कई किसानों की धान की फसल भी प्रभावित हुई है। लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी की निकासी नहीं होने से फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
भारी बारिश के चलते बांगो बांध का जलस्तर भी बढ़ गया था। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के नौ गेट खोले गए थे। स्थिति सामान्य होने के बाद छह गेट बंद कर दिए गए। पानी की आवक कम होने से पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 11 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद जलद्वारों की कुल ओपनिंग को दो मीटर से घटाकर 1.5 मीटर कर दिया गया।
शनिवार सुबह बांगो बांध का जलस्तर 358.21 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि, सुबह हुई तेज बारिश के बाद जलस्तर में दोबारा वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। वहीं दर्री डेम के भी तीन गेट लगातार खुले हुए हैं। इन गेटों से 1,724.49 क्यूसेक पानी लगातार हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है।




