बेटी का प्राइवेट पार्ट टच करता था पिता, मासूम ने बनाया VIDEO; पुलिस ने सुरक्षा के बजाय उसी नरक में धकेल दिया

जबलपुर/शहडोल। मध्य प्रदेश में रिश्तों को तार-तार और शर्मसार कर देने वाला एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप उठे। एक शराबी पिता अपनी ही नाबालिग फूल जैसी बेटी की आबरू से खिलवाड़ करता रहा, उसे हवस की नजर से नोचता रहा। पिता की इस हैवानियत से तंग आकर एक बेबस नाबालिग अपनी जान और इज्जत बचाने के लिए घर से भाग निकली। इस पूरे मामले में जहां पिता की हैवानियत ने मानवता को लज्जित किया है, वहीं जबलपुर पुलिस की संवेदनहीनता ने भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सालभर से सह रही थी जुल्म… जब हद पार हुई तो सबूत के साथ भाग निकली मासूम
शहडोल जिले की रहने वाली इस नाबालिग पर जो बीती, वह रूह कपां देने वाली दास्तां है। पीड़ित नाबालिग का आरोप है कि उसका सगा पिता पिछले एक साल से शराब के नशे में धुत होकर उसके साथ ‘बैड टच’ कर रहा था। जब भी मासूम बच्ची अपने ही पिता की इस गंदी करतूत का विरोध करती, तो वह हैवान पिता उसे बेरहमी से पीटता था।
रोज-रोज के इस नरक से मुक्ति पाने के लिए नाबालिग ने हिम्मत दिखाई और अपने पिता की इस घिनौनी करतूत का बाकायदा एक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, ताकि दुनिया को उसकी दरिंदगी का सबूत दे सके। पिता की प्रताड़ना असहनीय होने पर 9 जुलाई को नाबालिग चुपचाप अपने घर से भाग निकली।
जबलपुर रेलवे स्टेशन बना ठिकाना, महिला थाने पहुंची तो मिला ‘दर्दनाक झटका’
घर से भागने के बाद मासूम बच्ची दर-दर भटकती रही, लेकिन सिस्टम की बेरुखी ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। शहडोल से भागकर जबलपुर पहुंची नाबालिग ने कई दिन रेलवे स्टेशन पर ही खौफ और बेबसी के साए में गुजारे।
हिम्मत जुटाकर नाबालिग अपनी सुरक्षा की गुहार लगाने और पिता के खिलाफ सबूत सौंपने जबलपुर के महिला थाने पहुंची। उसे उम्मीद थी कि खाकी वर्दी उसे इस नरक से बचाएगी। जबलपुर की महिला थाना पुलिस ने पीड़ित बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित करने या उसे नारी निकेतन भेजने के बजाय, मामले से पल्ला झाड़ लिया। नाबालिग के बार-बार मना करने और गिड़गिड़ाने के बावजूद जबलपुर पुलिस ने मामले की सूचना शहडोल पुलिस को दे दी।
शहडोल पुलिस लेकर रवाना, मासूम की सुरक्षा पर सबसे बड़ा ‘सस्पेंस’ जबलपुर पुलिस के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये के बाद अब पीड़ित बच्ची के भविष्य और सुरक्षा पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। जबलपुर महिला थाने की सूचना पर शहडोल पुलिस की टीम तुरंत जबलपुर पहुंची। नाबालिग के तीखे विरोध और डर के बावजूद शहडोल पुलिस उसे अपनी कस्टडी में लेकर शहडोल के लिए रवाना हो गई है। अब सवाल यह है कि जिस शहर और घर में उसका ‘जल्लाद’ बाप बैठा है, वहां यह बच्ची कितनी सुरक्षित रहेगी?




