Chhattisgarh

बिलासपुर में स्कूल खुलते ही शुरू हुई ‘यातायात की पाठशाला’, छात्रों को बनाया गया ट्रैफिक ब्रांड एंबेसडर

बिलासपुर, 16 जून 2026। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही यातायात पुलिस बिलासपुर ने सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आज मंगलवार को सरकंडा स्थित ड्रीमलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल में “यातायात की पाठशाला” का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और दुर्घटनाओं की रोकथाम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उप पुलिस महानिरीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे ने कहा कि सड़क पर की गई छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को यातायात नियमों और सुरक्षा मानकों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं भी नियमों का पालन करें और अपने परिवार व समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें।

इस दौरान यातायात पुलिस के मास्टर ट्रेनर पूर्व सब इंस्पेक्टर उमाशंकर पांडे ने विद्यार्थियों को यातायात संकेतों, सड़क पर सुरक्षित चलने के नियमों, सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों तथा उनके निवारण के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने गुड सेमैरिटन (राहवीर) योजना और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के बारे में भी विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी संकल्प लें तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है, क्योंकि माता-पिता अपने बच्चों की बातों को गंभीरता से लेते हैं। ऐसे में बच्चे सड़क सुरक्षा के प्रभावी संदेशवाहक बन सकते हैं।

यातायात पुलिस ने कार्यक्रम के दौरान सभी छात्र-छात्राओं को “ब्रांड एंबेसडर” के रूप में कार्य करने की जिम्मेदारी भी सौंपी। विद्यार्थियों से कहा गया कि वे अपने आसपास यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों को जागरूक करें और गंभीर उल्लंघनों, विशेष रूप से शराब पीकर वाहन चलाने या लापरवाहीपूर्वक ड्राइविंग करने वालों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने में सहयोग करें।

कार्यक्रम में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी विशेष चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस और अनुभव के वाहन चलाना न केवल उनकी जान के लिए खतरा है, बल्कि इसके कारण उनके माता-पिता को भी कानूनी कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। यातायात पुलिस ने इस विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए छात्रों से नाबालिग वाहन संचालन से दूर रहने की अपील की।

यातायात पुलिस द्वारा छात्रों के माध्यम से आम नागरिकों तक सड़क सुरक्षा का संदेश भी पहुंचाया गया। लोगों से अपील की गई कि वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, शराब या नशे की हालत में वाहन न चलाएं, मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए ड्राइविंग न करें, ओवरस्पीडिंग और स्टंटबाजी से बचें तथा ट्रैफिक सिग्नल और लेन अनुशासन का पालन करें।

कार्यक्रम में यातायात सड़क सुरक्षा समिति के वरिष्ठ सदस्य अशोक श्रीवास्तव, विद्यालय की प्राचार्य निवेदिता सरकार, दिव्या राजपूत सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति सदैव निष्ठावान रहने की शपथ दिलाई गई।

विद्यालय की प्राचार्य निवेदिता सरकार ने यातायात पुलिस के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की यह पहल अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय है, जिससे विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज में भी सकारात्मक संदेश पहुंचेगा।

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