दिल्ली में धरना-प्रदर्शन को लेकर बड़ा बदलाव, जंतर-मंतर पर अब नहीं होगा प्रदर्शन, रामलीला मैदान समेत 3 नए स्थल निर्धारित, दिल्ली पुलिस ने जारी किया आदेश

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026। देश की राजधानी दिल्ली में धरना-प्रदर्शन और विरोध सभाओं के आयोजन को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थलों की व्यवस्था में संशोधन करते हुए ऐतिहासिक जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। इसके स्थान पर राजधानी में तीन नए स्थलों को धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं। दिल्ली पुलिस के इस फैसले के बाद अब विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, कर्मचारी संगठनों और आम नागरिकों को विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए नई व्यवस्था का पालन करना होगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की ओर से स्थायी आदेश संख्या एलएंडओ/48/2026 जारी किया गया है। इस आदेश में राजधानी में धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों में बदलाव की जानकारी दी गई है। नए आदेश के तहत जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में निर्धारित सूची से बाहर कर दिया गया है। हालांकि, नए स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए अनुमति प्रक्रिया और अन्य नियमों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।
दिल्ली पुलिस के आदेश के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक प्रदर्शन स्थलों की पहचान के लिए एक समिति का गठन किया था। इस समिति को राजधानी में पहले से निर्धारित प्रदर्शन स्थल के विकल्प तलाशने और ऐसे स्थानों की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जहां धरना, प्रदर्शन और विरोध सभाओं का आयोजन किया जा सके।
समिति ने विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के बाद अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कीं। इन्हीं सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर की जगह तीन नए प्रदर्शन स्थल निर्धारित करने का फैसला लिया है। इसके तहत रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली स्थित सीबीडी मैदान को नई सूची में शामिल किया गया है।
गौरतलब है कि दिल्ली का जंतर-मंतर लंबे समय से देशभर के विभिन्न संगठनों, राजनीतिक दलों, किसान संगठनों, कर्मचारी संघों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है। राष्ट्रीय स्तर के कई आंदोलनों और मांगों को लेकर यहां धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाते रहे हैं। संसद भवन और केंद्र सरकार के प्रमुख कार्यालयों के अपेक्षाकृत नजदीक होने के कारण जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के




