जेमरा में वन्यप्राणी संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

पाली। राष्ट्रीय वन्यप्राणी सप्ताह के अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत पहाड़ी वनांचल क्षेत्र जेमरा स्थित पूर्व माध्यमिक शाला में वन्यप्राणी संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को वन, वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई। इस दौरान आयोजित चित्रकला एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
राष्ट्रीय वन्यप्राणी सप्ताह 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक आयोजित किया गया। इसी क्रम में शासन के निर्देशानुसार तथा कटघोरा वनमंडल के डीएफओ जितेन्द्र उपाध्याय एवं पाली वन परिक्षेत्र अधिकारी योगेश्वर बंजारे के मार्गदर्शन में यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों ने गोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को वन्यप्राणियों की उपयोगिता, जैव विविधता बनाए रखने में उनकी भूमिका तथा उनके संरक्षण की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि वन और वन्यजीव प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके संरक्षण से पर्यावरण सुरक्षित रहता है और जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों से वनों तथा वन्यप्राणियों की सुरक्षा में सक्रिय सहभागिता निभाने और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए चित्रकला एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बच्चों ने वन्यप्राणी संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और प्रकृति के महत्व जैसे विषयों पर अपने विचारों को चित्रों एवं निबंधों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं में बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं शिक्षकों ने कहा कि वन्यप्राणी संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। बच्चों में बचपन से ही प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति जागरूकता विकसित करना आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ ग्रामीण समुदाय में भी जागरूकता बढ़ाने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम में वन विभाग की ओर से जेमरा के परिक्षेत्र सहायक संतोष पटेल, मोहित राम यादव, सुनील लसहे एवं राजकुमारी उपस्थित रहे। शिक्षा विभाग से संकुल समन्वयक जेमरा समीर खान, सुमन कुमार जांगड़े, मीनाक्षी आर्य, विरेंद्र भास्कर, परमानंद केशव एवं रामभरोस कंवर सहित ग्रामीणजन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से वन, वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।




