गेवरा खदान में मानव शृंखला बनाकर दिया सतर्कता और सत्यनिष्ठा का संदेश

एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने दिलाई सत्यनिष्ठा की शपथ, पौधारोपण कर पारदर्शी कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने का लिया संकल्प
कोरबा, 28 अक्टूबर 2026। एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के अंतर्गत संकल्प दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गेवरा खदान के व्यू प्वाइंट पर साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मानव शृंखला बनाकर सतर्कता, पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। मानव शृंखला के माध्यम से ‘सतर्कता ही समृद्धि है’ का संदेश दिया गया।
केंद्रीय सतर्कता आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित संकल्प दिवस कार्यक्रम में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) हरीश दुहन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई और कार्यस्थल पर ईमानदारी, जवाबदेही तथा पारदर्शिता बनाए रखने का आह्वान किया।

इस अवसर पर एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक अशोक कुमार सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
अपने संबोधन में सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि इस वर्ष की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एसईसीएल में विभिन्न जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। ईमानदारी एवं जवाबदेही को कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ सतर्कता के नाम’ पहल के तहत पौधारोपण भी किया गया। सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत एसईसीएल द्वारा स्कूली बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं, जनजागरूकता अभियानों और अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इन पहलों का उद्देश्य कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की भागीदारी से पारदर्शी कार्यसंस्कृति को मजबूत करना तथा भ्रष्टाचारमुक्त समाज के निर्माण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।




