Chhattisgarh

अमरैया रामनगर बायपास पर अवैध प्लाटिंग से जलजमाव, जीवित नाला मुश्किल में

कोरबा। अमरैया रामनगर बायपास स्थित नाला के आसपास अवैध प्लाटिंग का खेल खुलेआम चल रहा है। इसका सीधा दुष्परिणाम आसपास के रिहायशी इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां जलजमाव और गंदगी की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस परेशानी से जूझ रहे हैं।
नगर पालिका निगम कोरबा के अमरियापारा वार्ड अंतर्गत रेलवे क्षेत्र के काफी नजदीक न्यू अमरैया कॉलोनी में यह समस्या हाल ही में सामने आई है। जिस नाले के माध्यम से बड़े इलाके का पानी बिना किसी अवरोध के बाहर निकलता था, वही नाला अब अवैध प्लाटिंग के कारण धीरे-धीरे ब्लॉक होता जा रहा है।नतीजा यह है कि कॉलोनी और आसपास के घरों के पास पानी जमा हो रहा है, जिससे बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाले का पानी आगे न बढ़ पाने के कारण उन्हें रोज़मर्रा की परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बायपास रोड पर नाले के दोनों ओर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से प्लाटिंग कर दी गई है।

इससे विभिन्न क्षेत्रों से होकर नाले में आने वाले पानी का प्राकृतिक मार्ग अवरुद्ध हो गया है। लोगों का आरोप है कि अवैध प्लाटिंग करने वाले इसे अपना निजी भूखंड बता रहे हैं, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वे लोग कौन हैं और किस आधार पर वहां जमीन का सौदा कर रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, शहर के अन्य इलाकों की तरह अब बायपास क्षेत्र भी अवैध कॉलोनाइजेशन का नया अड्डा बनता जा रहा है। बिना अनुमति और नियमों को ताक पर रखकर जमीन की प्लाटिंग कर उसे बेचने का काम चोरी-छिपे चल रहा है। इसका खामियाजा आसपास रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से मांग की है कि अवैध प्लाटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और नाले के प्राकृतिक बहाव को तत्काल बहाल कराया जाए, ताकि जलजमाव और गंदगी की समस्या से निजात मिल सके। पिछले कुछ दिनों से कोरबा शहर और उपनगर क्षेत्र में अतिक्रमण के मामलों में नगर निगम की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है ।ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या प्राकृतिक बहाव वाले क्षेत्र का रास्ता रोके जाने के मामले में जांच पड़ताल के साथ निगम कुछ कार्रवाई करेगा भी?

अमरैया बायपास पर जीवित नाले को बाधित किए जाने और आम नागरिकों की बढ़ती समस्या की सूचना मिलने पर पार्षद प्रतिनिधि टीकम राठौर मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।उन्होंने देखा कि समस्या के पीछे असली वजह क्या है। इस दौरान उन्होंने जनसामान्य को सचेत करते हुए कहा कि कॉलोनाइजर एक्ट के तहत ही प्लाटिंग की जा सकती है और बुनियादी सुविधाओं का निर्धारण भी उन्हीं शर्तों के आधार पर होता है।

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