Chhattisgarh

स्वर्ण सिंहासन पर 135 फीट ऊंचे राममंदिर में विराजेगी मां दुर्गा…135 फीट ऊंचा और 100 फीट चौड़ा भव्य राममंदिर की प्रतिकृति का पंडाल किया जा रहा निर्माण

135 फीट ऊंचा और 100 फीट चौड़ा भव्य राममंदिर की प्रतिकृति का पंडाल किया जा रहा निर्माण

35 फीट ऊंची मां दुर्गा के साथ गणेश,कार्तिकेय, लक्ष्मी और सरस्वती की 15 – 15 फीट की प्रतिमा की जाएगी स्थापित

बिट्टू शर्मा

जांजगीर – चांपा, 2 अक्टूबर । नैला दुर्गोत्सव में इस साल अयोध्या में बन रहे राममंदिर को देखने का मौका लोगों को मिलेगा । राममंदिर की प्रतिकृति की तरह ही यहां रेलवे स्टेशन के सामने 135 फीट ऊंचा और 100 फीट चौड़ा भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है, जो अयोध्या केराममंदिर की तरह दिखेगी। विशाल पंडाल में रत्नजड़ित स्वर्ण सिंहासन में मां दुर्गा की 35 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा विराजित की जाएगी। माता की प्रतिमा केसाथ ही भगवान गणेश, कार्तिकेय, माता लक्ष्मी और माता सरस्वती की 15 – 15 फीट की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। सभी प्रतिमाओंकेऊपर चांदी के छत्र लगाए जाएंगे।


श्रीश्री दुर्गा पूजा उत्सव सेवा समिति नैला का दुर्गोत्सव इस वर्ष भी जिला और प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर मेंप्रसिद्ध होगा। इसे लेकर पिछले एक माह से तैयारी शुरू हो गई है। समिति के राजेश पालीवाल ने बताया कि यह आयोजन का 40 वां वर्ष होगा। 135 फीट ऊंचा और 100 फीट चौड़ा भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है, जो अयोध्या केराममंदिर की तरह दिखेगी। विशाल पंडाल में रत्नजड़ित स्वर्ण सिंहासन में मां दुर्गा की 35 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा विराजित की जाएगी। माता की प्रतिमा केसाथ ही भगवान गणेश, कार्तिकेय, माता लक्ष्मी और माता सरस्वती की 15 – 15 फीट की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।


सभी प्रतिमाओं के ऊपर चांदी केछत्र लगाए जाएंगे। पूरे पंडाल में मुंबई की आकर्षक लाइटें रहेगी। वहीं राममंदिर की भव्यता रात में विशेष लाइट से और मनमोहक दिखेगी। नैला स्टेशन की मां दुर्गा की प्रतिमा और पंडाल की भव्यता हर साल श्रद्धालुओंके लिए खास रहता है। चाहे हीरे- मोती और नवरत्नों से जड़ित प्रतिमा हो या 50, 200, 500 एवं 2000 रुपए के नए नोटों से सुसज्जित मां दुर्गा की प्रतिमा। पिछले साल भी दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल आकर्षण का केंद्र बना हुआ था तो इसके पूर्व बाहूबली फिलम की माहेष्मति महल की आकृति का पंडाल बनाया गया था।


भटगांव के कारीगर बना रहे मूर्तियां


समिति के द्वारा कोलकाता के बजाए इस वर्ष भी भटगांव के कारीगरों से प्रतिमा तैयार कराई जा रही है। साथ ही मां दुर्गा समेत भगवान गणेश, कार्तिकेय, माता लक्ष्मी और माता सरस्वती की मूर्तियां मिट्टी से तैयार की जा रही है। नैला में कारीगर मूर्तियां बनाने में जुट गए हैं। मां दुर्गा 35 फीट ऊंची प्रतिमा के साथ ही सभी देवी – देवताओं की प्रतिमा का निर्माण शुरु हो गया है। वहीं गणेशोत्सव के बाद अब विशाल पंडाल बनाने का काम भी शुरु किया जाएगा।


अनेक राज्यों से आते हैं लोग


नैला का दुर्गोत्सव प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में प्रसिद्ध हो चुका है। हर बार लोगों में यह उत्सुकता रहती है कि इस बार नैला का दुर्गोत्सव कैसा होगा। कैसी मूर्ति बनेगी, पंडाल कितना विशाल होगा। इसे देखने के लिए प्रदेश ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश, ओडिशा, बिहार, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, झारखंड सहित अन्य कई राज्यों के श्रद्घालु बड़ी संख्या में आते हैं।


पार्किंग का विशेष इंतजाम


नैला दुर्गोत्सव की प्रसिद्धी बढ़ने के साथ ही यहां हर साल भीड़ भी बढ़ती जा रही है। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। पिछले साल यहां उमड़ी भीड़ के चलते शहर में तीन से चार घंटे तक जाम लग गया था। इतनी भीड़ उमड़ी थी कि नैला में पैर रखने तक के लिए जगह नहीं बची थी। जिसे देखते हुए इस बार समिति के द्वारा 10 से अध्ािक स्थानों पर पार्किंग का प्लान जिला और पुलिस प्रशासन से मिलकर तैयार किया है।

बैटरी चलित आटो की रहेगी व्यवस्था


समिति के राजेश पालीवाल ने बताया कि सुरक्षा को लेकर 100 से अध्ािक सीसीटीवी लगाए जाएंगे। भीड़ को देखते हुए चार पहिया वाहनों को इस बार प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एक किलोमीटर पहले अग्रसेन भवन के सामने पार्किंग पाइंट बनाया जाएगा। जहां पार्किंग की सुविध्ाा रहेगी वहां सेबड़े बुजुर्गोंको पंडाल तक लाने ले जाने के लिए बैटरी चलित आटोकी व्यवस्था रहेगी।

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