सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर मीट-26 का आयोजन, साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता पर जोर

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 13 सितंबर 2026। जिला पुलिस प्रशासन द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय सारंगढ़-बिलाईगढ़ में ‘सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर मीट-26’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के माध्यम से आम जनता को साइबर अपराध, सुरक्षित इंटरनेट और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स और प्रमुख कंटेंट क्रिएटर्स ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान जिले का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने हाल ही में महामहिम राष्ट्रपति के हाथों ‘बेस्ट शिक्षिका’ सम्मान प्राप्त करने वाली श्रीमती सुनीता यादव को विशेष रूप से सम्मानित किया। इसके साथ ही खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रीना रॉय और करण भारती को पंकज विक्रम अवॉर्ड तथा छत्तीसगढ़ शासन के शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह के बाद पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने सोशल मीडिया क्रिएटर्स के साथ साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों को लेकर संवाद किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज के समय में जन-जन तक पहुंचने का सबसे ताकतवर माध्यम है। यदि सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स जिम्मेदारी के साथ साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाएं, तो जिले में साइबर अपराधों को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

बैठक में साइबर ठगी से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण सावधानियों की जानकारी दी गई। लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक पासवर्ड, एटीएम अथवा अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा न करें। लॉटरी, पार्ट-टाइम जॉब, इनाम या अन्य आकर्षक ऑफर के नाम पर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग को मजबूत रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।
पुलिस प्रशासन ने साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने की अपील की। बताया गया कि ठगी होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए, ताकि समय रहते शिकायत दर्ज कर रकम को सुरक्षित कराने की कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम के माध्यम से छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान को भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
इस पहल का उद्देश्य पुलिस और सोशल मीडिया क्रिएटर्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता से संबंधित संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सके। पुलिस अधीक्षक ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित इंफ्लूएंसर्स से सुझाव भी मांगे। कई क्रिएटर्स ने साइबर जागरूकता अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव दिए, जिन्हें पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसी कड़ी में जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों, स्कूलों तथा महाविद्यालयों सहित कुल 41 प्रमुख स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में कुल 4,165 नागरिकों ने सहभागिता की। कार्यक्रमों में ‘स्मार्टफोन की प्राइवेसी और सुरक्षित इंटरनेट’ को मुख्य विषय बनाकर लोगों को मोबाइल फोन के सुरक्षित इस्तेमाल, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और सोशल मीडिया की सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में सम्मानित श्रीमती सुनीता यादव ने भी सोशल मीडिया क्रिएटर्स से संवाद करते हुए स्मार्टफोन में मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करने और डिजिटल सुरक्षा के जरूरी उपाय अपनाने की जानकारी दी। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि साइबर ठगी के प्रयासों से सतर्क रहना कितना जरूरी है।
कार्यक्रम के समापन पर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने पुलिस प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया और साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाने में सहयोग करने का संकल्प लिया। पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया गया जागरूकता का एक संदेश भी किसी व्यक्ति को साइबर ठगी का शिकार होने से बचा सकता है। उन्होंने सभी क्रिएटर्स से साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता से संबंधित कंटेंट तैयार कर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करने की अपील की।




