विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर सतरेंगा में जागरूकता एवं स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित

कोरबा – विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर कोरबा वन मंडल द्वारा सतरेंगा पिकनिक स्पॉट में एक जागरूकता एवं स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कोरबा वन मंडल द्वारा आयोजित किया गया, जो कि कोरबा वनमंडलाधिकारी श्री प्रेमलतायादव के निर्देशानुसार एवं उप वनमण्डलाधिकारी श्री आशीष खेलवार एवं श्री सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम को सफल क्रियान्वयन बालको वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार रेंज एवं वन अमले के द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सतरेंगा हाई स्कूल के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम के अंतर्गत सतरेंगा क्षेत्र में स्वच्छता अभियान (सफाई कार्य) कराया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं वन कर्मियों ने मिलकर आर्द्रभूमि क्षेत्र को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। साथ ही छात्रों को आर्द्रभूमि (वेटलैंड) की आवश्यकता, उसकी पारिस्थितिक महत्ता एवं संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में आर्द्रभूमि की सामान्य जानकारी देते हुए बताया गया कि वेटलैंड प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, भूजल रिचार्ज, जैव विविधता के संरक्षण, प्रवासी पक्षियों के आवास तथा स्थानीय आजीविका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आर्द्रभूमियाँ बाढ़ नियंत्रण, जल शुद्धिकरण एवं जलवायु संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके संरक्षण से पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ मानव जीवन भी सुरक्षित रहता है।
इस अवसर पर जितेंद्र सारथी, भूपेंद्र जगत, चंद्रसेन कोरी, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी अनिल कंवर, वनरक्षक उत्तम खूंटे, वनरक्षक शिवप्रसाद कांवर, वन प्रबंधन समिति सतरेंगा के सदस्य , महिला स्व सहायता समिति के सदस्य , नौकाविहार समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में पर्यटकों के द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित कर आर्द्रभूमि के महत्व, उनके संरक्षण की आवश्यकता तथा युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि यदि आज आर्द्रभूमियों का संरक्षण नहीं किया गया, तो भविष्य में जल संकट एवं जैव विविधता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को आर्द्रभूमि संरक्षण हेतु जागरूक नागरिक बनने एवं अपने आसपास के जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने की शपथ दिलाई गई। कोरबा वन मंडल द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन, विशेषकर विद्यार्थियों में पर्यावरण एवं आर्द्रभूमि संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का सतत प्रयास किया जा रहा है।




