वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का बजट ‘विजन’ कम और ‘डिवीजन’ ज्यादा, युवाओं और निकायों के साथ हुआ सौतेला व्यवहार-प्रिंस चंद्रमौली शर्मा
जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आज पेश किए गए वर्ष 2026-27 के बजट को “भ्रम का पुलिंदा” बताते हुए स्थानीय पार्षद एवं युवा कांग्रेस नेता प्रिंस चंद्रमौली शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बजट में तकनीक और भविष्य की बात तो की है, लेकिन वर्तमान में बेरोजगारी और बदहाल नगरीय व्यवस्था से जूझ रहे युवाओं व आम जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल ‘डिजिटल झुनझुना’ मिला है । प्रदेश का युवा सरकारी नौकरियों में नियमित भर्ती और भर्ती कैलेंडर की प्रतीक्षा कर रहा था, लेकिन सरकार ने उन्हें केवल स्टार्टअप और डिजिटल मिशन के नाम पर उलझा दिया है। बेरोजगारी भत्ता और नई नियुक्तियों पर बजट की चुप्पी चिंताजनक है।
एक निर्वाचित पार्षद के रूप में प्रिंस चंद्रमौली शर्मा ने आपत्ति जताई कि बजट में विकेंद्रीकरण के बजाय केंद्रीकरण पर जोर है। स्थानीय वार्डों के विकास के लिए पार्षदों को मिलने वाली राशि और मूलभूत सुविधाओं के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया, जिससे जमीनी स्तर पर विकास कार्य ठप हो जाएंगे।
बजट के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए प्रिंस ने कहा कि सरकार केवल कर्ज लेकर ‘घी पीने’ का काम कर रही है। बजट का एक बड़ा हिस्सा पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने में जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ का भविष्य खतरे में है।
उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग और गरीब जनता को उम्मीद थी कि इस बजट में वैट (VAT) कम कर पेट्रोल-डीजल के दाम घटाए जाएंगे, जिससे महंगाई कम होगी, लेकिन वित्त मंत्री ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
प्रिंस चंद्रमौली शर्मा ने अंत में कहा कि यह बजट केवल कागजों पर ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की बात करता है, जबकि हकीकत में गरीब, युवा और शहर की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। युवा कांग्रेस जल्द ही इस बजट की विसंगतियों को लेकर जनता के बीच जाएगी।




