राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया एनसीसी कैडेटो ने

राष्ट्र की एकता, अखंडता व सुरक्षा का शपथ लिया एनसीसी कैडेटों ने
भिलाई नगर। 37 सीजी बटालियन एनसीसी, दुर्ग के कमान अधिकारी व एडम अफसर के निर्देशानुसार कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय के एनसीसी कैडेटों ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151 वीं जन्म वर्षगांठ पर “राष्ट्रीय एकता दिवस” मनाया। कैडेटों ने राष्ट्रीय एकता हेतु एक जागरूकता रैली सेक्टर 7 की बाजार व विभिन्न सड़कों पर निकली जिसमें भारत माता की जय वंदे मातरम के साथ प्रमुख नारे “सरदार पटेल के सपने को साकार करें, एक भारत श्रेष्ठ भारत!” “एकता में बहुत बल है, यह राष्ट्र की हर समस्या का हल है।”

“हमारी एकता हमारी पहचान है, तभी तो हमारा भारत देश महान है।”
“भिन्न-भिन्न भाषा का भिन्न-भिन्न वेश, हमारा प्यारा भारत एक देश।”
“जात-पात का नाता तोड़ो, भारत को एकता की ताकत से जोड़ो।”
“सच्चे मायनों में तभी होगी देशभक्ति, जब एक होकर हम दिखाएं एकता की शक्ति।”
“राष्ट्रीय एकता हमारा गौरव है, हम सभी की शान है।”
“अनेकता में एकता, यही भारत की विशेषता।”
“कश्मीर हो या कन्याकुमारी, भारत माता एक हमारी।
से पूरा माहौल देशभक्ति मय हो गया।
कार्यक्रम के दूसरे भाग में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ विनय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कैडेटों को राष्ट्रीय एकता का महत्व समझाते हुए एक शपथ दिलाई जिसमें कैडेटों ने सत्य निष्ठा से शपथ लिया कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाएं रखने के लिए स्वयं को समर्पित कर देंगे और अपने देशवासियों के बीच इस संदेश को फैलाने का भरसक प्रयास करेंगे कैडेटों ने यह शपथ अपने देश की एकता की भावना के लिए लिया जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका है। कैडेट्स ने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी अपना योगदान देने का सत्य निष्ठा से संकल्प लिया।
ले० डॉ० हरीश कुमार कश्यप ने उक्त समस्त कार्यक्रमों का संचालन किया तथा उन्होंने बताया कि आज ही के दिन भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री स्व० श्रीमती इंदिरा गांधी जी की पुण्य तिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर महाविद्यालय के उपप्राचार्य व अर्थशास्त्री डॉ० लखन चौधरी विज्ञान संकायध्यक्ष डॉ० गुणवंत चंद्ररौल,अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० अनुराग पांडे, वाणिज्य व प्रबंधन संकाय के प्राध्या० जितेन्द्र सिंह, कोमेश सिन्हा, राजनीति विज्ञान के प्राध्या० रविकांत के साथ पूर्व कैडेट पुष्पेंद्र, सोमदत्त, सचिन, सीनियर अंडर अफसर अजय कुमार, जेयूओ पुनेश कुमार, सीक्यूएमएस मुकुल ठाकुर, कैडेट लक्ष्मीकांत, कृषमोहन, केतन, शिवम्, भीषम,उत्तम, सुजल व पियूष मिश्रा सहित तीस कैडेटों ने सक्रिय रूप से योगदान दिया।




