Chhattisgarh

रायगढ़: कुर्रू राशन दुकान की तस्वीरों ने उठाए बड़े सवाल, गिट्टी-पत्थर तौलने का आरोप; ग्रामीण बोले—जून का चावल अब तक नहीं मिला

रायगढ़। जिले के खरसिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुर्रू की उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन के निर्देशानुसार अप्रैल, मई और जून 2026 का तीन माह का राशन एक साथ वितरित किया जाना था, लेकिन हितग्राहियों को पूरा राशन नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार राशन लेने बुलाए जाने के बावजूद आज तक जून माह का चावल अधिकांश हितग्राहियों को नहीं दिया गया है।

ग्रामीणों के अनुसार 20 अप्रैल 2026 को राशन वितरण के दौरान केवल अप्रैल और मई माह का चावल दिया गया, जबकि जून माह का चावल नहीं मिला। इसके बाद 15 जून 2026 को गांव में मुनादी कराकर हितग्राहियों को फिर राशन दुकान बुलाया गया। आरोप है कि उस दिन चावल देने के बजाय इलेक्ट्रॉनिक तराजू पर गिट्टी, पत्थर और मिट्टी जैसी वस्तुओं का वजन कर हितग्राहियों के अंगूठे लगवाए गए, जबकि चावल का वितरण नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय केवल शक्कर और चना देकर उन्हें वापस भेज दिया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि 11 जुलाई 2026 को दोबारा मुनादी कर राशन वितरण के लिए बुलाया गया, लेकिन इस बार भी जून माह का चावल नहीं दिया गया। उनका कहना है कि फिर से इलेक्ट्रॉनिक तराजू पर गिट्टी-पत्थर जैसी वस्तुओं का वजन दिखाकर अंगूठे लगवा लिए गए, जबकि वास्तविक रूप से चावल का वितरण नहीं हुआ। ग्रामीणों का दावा है कि आज तक ग्राम पंचायत कुर्रू के अनेक हितग्राही जून माह के चावल से वंचित हैं।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि उचित मूल्य दुकान में फर्जी तरीके से ई-पीओएस मशीन में अंगूठा लगवाकर चावल वितरण का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जबकि पात्र हितग्राहियों को उनका पूरा राशन नहीं दिया जा रहा। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

सबसे बड़ा सवाल अब प्रशासन पर उठ रहा है। यदि ग्रामीणों के आरोप सही हैं, तो कई महीनों तक हितग्राहियों को उनका हक का राशन क्यों नहीं मिला? बार-बार मुनादी होने के बावजूद खाद्य विभाग और संबंधित अधिकारियों ने उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण क्यों नहीं किया? ई-पीओएस मशीन में दर्ज वितरण और वास्तविक वितरण का मिलान क्यों नहीं किया गया? यदि फर्जी तरीके से अंगूठे लगवाने की शिकायतें सामने आ रही थीं, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, ई-पीओएस मशीन के रिकॉर्ड की जांच, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा सभी पात्र हितग्राहियों को लंबित जून माह का चावल तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है।

हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित उचित मूल्य दुकान संचालक एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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